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जून का महीना भारत के अधिकांश हिस्सों में मानसून की शुरुआत का समय होता है। यह मौसम पौधों की तेज़ वृद्धि के लिए अनुकूल माना जाता है, इसलिए बगीचे की देखभाल के लिए भी यह बेहद महत्वपूर्ण समय है। इस दौरान पौधों की सही तरीके से छंटाई (Pruning) करने से सूखी और बीमार शाखाएं हट जाती हैं, हवा का संचार बेहतर होता है और नए फूलों व पत्तियों की वृद्धि को बढ़ावा मिलता है। अगर आप चाहते हैं कि आपका गार्डन पूरे मानसून में हरा-भरा और फूलों से लदा रहे, तो जून में इन 7 पौधों की छंटाई जरूर करें। (Photo Source: Pexels)
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बोगनवेलिया
गर्म मौसम में बोगनवेलिया तेजी से बढ़ता है और कई बार इसकी शाखाएं उलझी हुई दिखाई देने लगती हैं। जून में हल्की छंटाई करके सूखी और उलझी शाखाओं को हटाना फायदेमंद होता है। चूंकि बोगनवेलिया नए विकास पर फूल देता है, इसलिए छंटाई के बाद इसमें अधिक रंग-बिरंगे ब्रैक्ट्स और फूल आते हैं। साथ ही पौधे में हवा का संचार बेहतर होता है और नमी से होने वाली समस्याएं कम होती हैं। (Photo Source: Pexels) -
डुरांटा
डुरांटा एक तेजी से बढ़ने वाला सजावटी पौधा है, जिसका उपयोग अक्सर हेज (बाड़) के रूप में किया जाता है। जून में इसकी नियमित छंटाई करने से यह घना, व्यवस्थित और आकर्षक बना रहता है। यदि इसे बिना छंटाई के छोड़ दिया जाए तो यह बिखरा हुआ और कम घना दिखाई दे सकता है। नियमित कटाई से इसकी सुंदरता और बढ़ जाती है। (Photo Source: Pexels) -
गुड़हल
गुड़हल भारतीय बगीचों में सबसे लोकप्रिय फूलदार पौधों में से एक है। जून तक इसकी कई शाखाएं कमजोर हो जाती हैं और पुराने फूल पौधे की ऊर्जा खर्च करते रहते हैं। ऐसे में सूखी टहनियों, पुराने फूलों और अतिरिक्त शाखाओं को काटने से पौधे में नई वृद्धि होती है। इससे पौधे के अंदर तक धूप पहुंचती है, जिससे फंगल संक्रमण का खतरा भी कम होता है और बड़े व अधिक फूल खिलते हैं। (Photo Source: Pexels) -
तुलसी
गर्मी के मौसम में तुलसी के पौधे में फूलों की मंजरी (Flower Spikes) बनने लगती है। जून में इन फूलों की कलियों और ऊपरी हिस्से की हल्की कटाई करने से पौधा झाड़ीदार बनता है और अधिक पत्तियां देता है। इससे पौधा लंबे समय तक स्वस्थ और उत्पादक बना रहता है तथा इसकी उम्र भी बढ़ती है। (Photo Source: Pexels) -
इक्सोरा
इक्सोरा उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में खूब लगाया जाता है। इसके मुरझाए हुए फूलों के गुच्छों और जरूरत से ज्यादा बढ़ी शाखाओं की हल्की छंटाई करने से पौधा अधिक सघन और आकर्षक बनता है। इससे नई शाखाएं निकलती हैं और फूलों की संख्या भी बढ़ती है। (Photo Source: Pexels) -
मोगरा
मोगरा और अन्य चमेली प्रजातियों के पौधों में फूल आने के बाद छंटाई करना बेहद लाभकारी माना जाता है। पुराने फूलों और अतिरिक्त शाखाओं को हटाने से पौधे में हवा का प्रवाह बेहतर होता है और नई वृद्धि को बढ़ावा मिलता है। मानसून के दौरान इससे अधिक स्वस्थ, सुगंधित और सुंदर फूल प्राप्त होते हैं। (Photo Source: Pexels) -
गुलाब
जून का महीना गुलाब के पौधों की हल्की छंटाई और डेडहेडिंग (मुरझाए फूल हटाने) के लिए उपयुक्त है। पुराने फूलों, पतली और रोगग्रस्त शाखाओं को हटाने से बारिश के मौसम में फंगल संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। साथ ही पौधे की ऊर्जा नए फूलों और कलियों के विकास में लगती है, जिससे अधिक और बेहतर खिलाव मिलता है। (Photo Source: Pexels) -
छंटाई करते समय रखें इन बातों का ध्यान
हमेशा साफ और तेज प्रूनिंग कैंची का इस्तेमाल करें। बीमार या सूखी शाखाओं को सबसे पहले हटाएं। एक बार में बहुत ज्यादा छंटाई करने से बचें। छंटाई के बाद पौधों को जैविक खाद या कम्पोस्ट दें। बारिश के दौरान पौधों में पानी जमा न होने दें। (Photo Source: Pexels)
(डिस्क्लेमर: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए विशेषज्ञ से जरूर परामर्श करें।)
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