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कला और साहित्य

असम के सत्रीय नृत्य की पारंपरिक झलक

असम का लोकप्रिय शास्त्रीय नृत्य सत्रीय नृत्य है। इसकी नींव सत्राधीश गुरु शंकर देव और उनके शिष्य माधव देव ने रखी थी। धीरे-धीरे सत्र...

ये दोनों प्रेम के पुजारी हैं, कोई बताएगा इन्हें

उस दिन ठिठुरती दोपहर थी। बादलों में लुकाछिपी करता सूरज अपनी रश्मियों से प्रेम की कोपलें सहला रहा था। रेस्तरां में कॉफी पीते हुए...

कर्ण का द्वंद्व और संघर्ष

महाभारत के पात्रों को हर कलाकार अपनी तरह से सोचता है। कुछ पात्रों जैसे कृष्ण, द्रौपदी, अर्जुन, कर्ण को केंद्र में रखकर कई कलाकारों...

जनसत्ता सबरंग- अनुभव में पिरोए शब्दों से रची गईं कृतियां समाज को बहुत कुछ देती हैं: दीप्ति नवल

जानी-मानी फिल्म अभिनेत्री, लेखिका, कवयित्री दीप्ति नवल का कहना है कि लेखन की क्षमता हरेक इंसान में होती है, बस उसे उकेरकर बाहर लाने...

जनसत्ता सबरंग: अलग-अलग नृत्य शैलियों की युवा नृत्यांगनाओं ने छोड़ी छाप

शास्त्रीय नृत्य की परंपरा में गुरु नृत्य का शास्त्रीय ज्ञान के साथ तकनीकी ज्ञान देते हैं। इस गुण के वाहक नए कलाकार अथवा शिष्य...

कार्टून चोट नहीं पहुंचाते, उनमें होती है जख्‍म भरने की ताकत: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि कार्टूनिस्ट भगवान के करीब होते हैं क्योंकि वह विभिन्न इंसानों के चरित्रों को बेहद बारीकी से देख सकते हैं।

कविता: मुस्कुराता हुआ लक्षद्वीप

पढ़ें डॉ. सांत्वना श्रीकांत की कविता मुस्कुराता हुआ लक्षद्वीप।

कविता: मैं पिता हो जाना चाहता हूं

पढ़ें संजय स्वतंत्र की कविता "मैं पिता हो जाना चाहता हूं"

सितारवादक उस्ताद इमरत खान का निधन

सितारवादक उस्ताद इमरत खान का अमेरिका में निधन हो गया। वह 83 साल के थे। उन्होंने सितार और सुरबहार को अंतर्राष्ट्रीय ख्याति दिलाई। यह...

कविता: तुम्हारी हथेलियों में सुगंध

पढ़ें संजय स्वतंत्र की कविता तुम्हारी हथेलियों में सुगंध

The DSC Prize for South Asian Literature: 25 हजार डॉलर के इस पुरस्‍कार के लिए इन छह लेखकों में मुकाबला

The DSC Prize for South Asian Literature के लिए अंतिम रूप से छह लेखकों में मुकाबला होगा। इनके नाम का ऐलान 14 नवंबर को...

सबरंग- हमारी याद आएगी: नारायण की कल्पना, शंकर ने बदली हकीकत में

सिनेमा की दुनिया में दक्षिण के दो शंकर मशहूर हैं। एक तो 55 साल के मैकेनिकल इंजीनियर शंकर षणमुगम, जिन्हें दर्शक अनिल कपूर की...

सबरंग विश्लेषण: दोहराव पर दांव

फिल्म ‘तलवार’ न सिर्फ देश-विदेश में सराही गई बल्कि उसे पारिवारिक दर्शकों का भी भरपूर साथ मिला जबकि मनीष गुप्ता की ‘रहस्य’ कब आई...

शख्सियतः मंटो ने जब बीस रुपए में बेची कहानी

सआदत हसन मंटो को भारतीय उपमहाद्वीप का महान उर्दू कहानीकार माना जाता है। उनकी कहानियां भारत-पाक विभाजन के दंश का प्रामाणिक दस्तावेज हैं।

प्रसंगवशः हिंदी की वैश्विक स्वीकार्यता

विश्व की व्यापारिक जरूरतों और अपनी आंतरिक शक्ति के बल पर हिंदी विश्वभाषा के रूप में अपनी स्पष्ट पहचान बनाएगी।