कला और साहित्य

कविता: जिसकी आंखों में है चांद

यहां पढ़ें संजय स्वतंत्र की नई कविता।

लास्ट कोच: जिंदगी के कैनवस पर

... जिंदगी के मायने क्या हैं, लोग आज तक नहीं समझ पाए हैं। बस भाग रहे हैं अपने सुख के लिए। पैसे बटोरने के...

कविता: कहां खो गया इंसान

डॉ. सांत्वना श्रीकांत की कविता यहां पढ़ें।

लास्ट कोच: एक अनकही प्रेम कहानी

रास्ते में आ रहे सभी मेट्रो स्टेशनों के बाहर वीरानी छाई है। प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए हैं। वहां कबूतर मंडरा रहे हैं।...

कविता: यह कैसा दौर है

पढ़िए, सांत्वना श्रीकांत की कविता।

द लास्‍ट कोच सीरीज: रात अकेली है..

...साठ-सत्तर की रफ्तार में कार दौड़ रही है। गलियों और मोहल्लों में दिखने वाले कुत्ते मुख्य सड़कों पर आ गए हैं। कुछ तो बीच...

कविता: उसने कहा था…

डॉ सांत्वना श्रीकांत की कविता।

द लास्ट कोच: नीली जैकेट

...ऐसी सुख की नींद दे सकोगे नीलाभ? उसने पूछा था। एक पल के लिए खो गया था नीलाभ, इस लड़की को क्या जवाब दे?...

नृत्योत्सवः कृष्ण की बाल लीला

नृत्य रचना ‘वृंदावन’ का आरंभ मीरा बाई की रचना से हुआ। यह मीरा बाई के पद ‘आली मणे वृंदावन नीको, घर-घर तुलसी ठाकुर पूजा’...

नृयोत्सवः शिव की गोद में शक्ति

जहां हर पल सम हैं। उस सम रात्रि में शिव की गोद में बैठकर, शक्ति शिव को जानने को उत्सुक हैं। इस परिकल्पना...

पुस्तक समीक्षाः सत्य के साथ यथावत, सत्ता से बगावत

‘जनसत्ता’ में छपे रामबहादुर राय के लेखों का संग्रह अरुण भारद्वाज के संपादन में ‘नीति और राजनीति’ के रूप में आकर बताता है कि...

द लास्ट कोच: हम होंगे कामयाब एक दिन

चुनावी शोर में मुद्दे तो बहुत उठते हैं। मगर वक्त के साथ वे बिला जाते हैं। जीते हुए उम्मीदवार की राजनीति वातानुकूलित कमरों में...

दिग्गज एक्टर ने मौत के बाद दान कर दी अरबों की संपत्ति, बेटे को एक चवन्नी तक नहीं दी

दिग्गज अभिनेता किर्क डगलस (Kirk Douglas) की कुल संपत्ति 300 मिलियन डॉलर मूल्य (करीब 2156 करोड़ रुपये) की है।

दिग्गज फिल्म डायरेक्टर की बेटी ने एडल्‍ट फ‍िल्‍मों में शुरू किया करियर, बताई ये वजह

स्टीवन स्पिलबर्ग (Steve Spielberg) की बेटी मिकेला (Mikaela) के एडल्ट फिल्म इंडस्ट्री में जाने को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।

कला और संस्कृति: नृत्यांगना, दर्शनशास्त्री और भरतनाट्यम की कोरियोग्राफ रुक्मिणी देवी अरुंडेल

मदुरई के ब्राह्मण परिवार में जन्मीं रुक्मिणी, नीलकंठ शास्त्री और सीशामल्ल की आठ संतानों में से एक थीं। उनके पिता, इंजीनियर और मद्रास स्थित...

द लास्‍ट कोच: मेट्रो के सफर में प्यार की कहानी… तुम भी चलो, हम भी चलें…

कितनी बदल गई है युवा पीढ़ी। इन दिनों युवाओं का जोश देखना हो तो मेट्रो में देखिए। उस दिन एक युवती जिस तरह से...

कविताएं: बुद्ध की प्रतीक्षा और तुम्हारी उष्मा में…

यहां पढ़ें डॉ. सांत्वना श्रीकांत की दो कविताएं।