कला और साहित्य

शिव-पार्वती के रूप का मंचन भरतनाट्यम, छऊ और कुचिपुड़ी नृत्यकला से पेश किया

नृत्य में शिरकत करने वाले कलाकारों में भरतनाट्यम नर्तक एस वासुदेवन, छऊ के कलाकार कुलेश्वर ठाकुर, अर्जुन देव, प्रशांत कालिया और कुचिपुड़ी नृत्यांगना-वनश्री राव,...

सोनल मानसिंह के नृत्य में ‘कृष्ण’

नृत्य का आगाज जयदेव की रचना ‘जय जय देव हरे’ के गायन से हुआ। गायक बंकिम चंद सेठी के साथ-साथ सोनल भी सुर में...

कविता: राधा का प्रथम पुरुष

सांत्वना श्रीकांत की कविता।

द लास्ट कोच: लायक पिता

हमारे देश में असहाय बुजुर्गो के लिए कोई जगह नहीं। असंगठित क्षेत्र में काम कर चुके बुजुर्ग अगर हजार-दो हजार रुपए की पेंशन पर...

नृत्योत्सव: स्वाति तिरुनाल को कलाकारों की नृत्यांजलि

समारोह की दूसरी संध्या में टीवी मणिकंडन ने कर्नाटक संगीत शैली में गायन पेश किया।

जोहाना रॉड्रिग्स: ब्रेक डांस की दुनिया में उभरता नाम

रॉड्रिग्स काफी समय से भारतीय शास्त्रीय नृत्य के साथ हेडस्टैंड (यानी सिर के बल खड़े हो जाना) और बैकफ्लिप्स का अभ्यास कर रही हैं।

रंगमंच: चुटीले संवादों के साथ व्यवस्था का स्याह पक्ष

वह शिक्षिका जब पढ़ाई पर जोर देती है और बच्चों के पोषण की बात उठाती है तो उसे हटाने की साजिश रची जाती है।

नृत्य का बहुरंगी आयोजन

भरतनाट्यम नृत्य गुरु जयलक्ष्मी ईश्वर और उनकी शिष्याओं ने शिव तांडव स्त्रोत पर नृत्य पेश किया।

युवा कलाकारों की प्रस्तुति

समारोह में गुरु शमा भाटे की शिष्या अमीरा पाटनकर ने कथक नृत्य पेश किया। उन्होंने राम वंदना से नृत्य आरंभ किया। उन्होंने शुद्ध नृत्य...

कविता: युद्धरत औरतें

पढ़ें सांत्वना श्रीकांत की लघु कविताएं।

द लास्ट कोच: प्रेम का देवता

हमारे समाज में किसी विवाहित स्त्री या पुरुष का दूसरा संबंध ही अनौतिक है। लेकिन अब एक उम्र पार कर लेने के बाद भारतीय...

पुण्‍यत‍िथ‍ि पर ग‍िर‍िजा देवी की याद: ज‍िनके संगीत-रस में डूबती है दुन‍िया, वह थीं रसमलाई की शौकीन

ग‍िर‍िजा देवी का शरीर 24 अक्टूबर, 2017 को हमारा साथ छोड़ गया था। केवल सुर रह गए थे। हमेशा के ल‍िए। शोधकर्ता व गायिका...

नाटक: बुद्ध के आंदोलन से एक संवाद

नाटक बुद्ध के सौतेले भाई नंद और उसकी पत्नी सुंदरी के इर्द-गिर्द रचा गया है।

नृत्योत्सवः मणिपुरी नृत्य में रास

समारोह के दौरान पहली प्रस्तुति बसंत रास थी। इसे चारूसिजा माथुर और उनके साथी कलाकारों ने पेश किया।

कविता: तुमसे उद्भव मेरा

पढ़ें सांत्वना श्रीकांत की लघु कविताएं।

द लास्ट कोच: बच जाए आंखों में भी पानी

यूनिसेफ की रिपोर्ट बता रही है कि बढ़ती जनसंख्या से पानी की खपत बढ़ रही है। 36 देशों में हालत खराब है। धरती में...

जनसत्ता विशेष: साहित्य की चेतनामयी साधना

साधना जैन का मानना है कि किसी भी काम के लिए वक्त निकालने से ही निकलता है। लिखने-पढ़ने के लिए वक्त निकालने और जगह...

महोत्सव में विदेशी कलाकारों की रामधुनी

समारोह की अगली संध्या कंबोडिया, मॉरीशस और त्रिनिदाद व टोबैगो के कलाकारों के नाम रही। कंबोडिया के कलाकार मंडली ने लवकुश जन्म और अश्वमेध...

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