क्या वास्तव में आज व्यक्ति अपनी सेहत को लेकर इतना लापरवाह हो गया है? क्या सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं इतनी लचर…
समाज सामुदायिक भावनाओं की वह इकाई है, जिसके व्यापकता ग्रहण करने पर राष्ट्रीय स्वरूप सामने आता है। सामाजिक संदर्भों में…
शाम गहरी होती जा रही थी। त्रिवेंद्रम एक्सप्रेस अभी उज्जैन प्लेटफार्म पर आकर रुकी थी। वह अलसुबह कोटा से रवाना…
मदन कश्यप का पांचवां कविता संग्रह है- अपना ही देश। इसमें चालीस कविताएं हैं। ये सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक बेचैनी…
डाउन 5622 पूर्वोत्तर भारत से जोड़नेवाली एक प्रमुख रेल लेकिन सिरदर्द रेल । फौजी यात्रियों की अधिकता। दोगुने-तिगुने लोग। आरक्षण…
चंपक वन में राजा शेर सिंह का शासन था। सभी जानवर प्रसन्नतापूर्वक रहते थे। लेकिन जंगल में सिर्फ एक चीज…
कार्तिक महीने की सिहराती हुई उस सुबह उठ कर बालकनी में जाकर अखबार उठा कर सामने देखा, नजर पड़ी धूसर…
अभी थोड़े दिनों पहले मैंने अपने जीवन के पचास वर्ष पूरे किए हैं। मुझे लगता है कि अपनी योग्यता और…
विनय सुल्तान सारी पार्टियां गजेंद्र सिंह की खुदकुशी पर गमगीन दिखने की होड़ में शामिल हैं। अगर उनके आंसू सच्चे…
वरिष्ठ आइएएस अधिकारी अशोक खेमका के तबादले को लेकर स्वाभाविक ही हरियाणा सरकार पर अगुंलियां उठ रही हैं। खेमका अपनी…
राजकिशोर अरविंद केजरीवाल की जगह मैं होता तो चुल्लू भर पानी में डूब मरता। ये हजरत इस तरह आचरण कर…