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चौपाल

चौपालः आंकड़ों का जाल

देशभर में विकास चल रहा है तो आंकड़ों की बैसाखियों पर, भले ही उन आंकड़ों में वास्तविकता हो या नहीं! राजनीति में यह एक...

चौपालः पाक का सहारा

मोदी द्वारा पाकिस्तान पर कांग्रेस के साथ मिल कर गुजरात चुनाव में दखलअंदाजी करने वाले आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि भारतीय नेताओं...

चौपालः सद्भाव के बरक्स

आजकल कई जगहों पर भारत को ‘हिंदू पाकिस्तान’ बनता देश कहा जाने लगा है। देश में मुसलिम विरोधी नफरत की लहर बढ़ती जा रही...

चौपालः नदारद लोकतंत्र

हाल ही में भारत के तीन राजनीतिक दलों में चुनाव की खबर आई।

बेलगाम बोल

अब अपशब्दों के प्रयोग के बूते वोट मांगे जाएंगे? जनहित और विकास के मुद्दे क्या अब पीछे छोड़ दिए गए हैं? सच यह है...

ताक पर विचार

सत्ता के लिए विचारधारा और उसके प्रति घोषित निष्ठा को भी ताक पर रख देते हैं। ऐसा लगता है कि अवसरवाद राजनीति का चरित्र...

चौपालः जोखिम में रोजगार

बिहार में कुछ दिन पहले से ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ की मांग के साथ हड़ताल पर गए लगभग अस्सी हजार संविदाकर्मियों को...

चौपालः विद्वेष के मंच

सोशल मीडिया के बारे में आज सबको बखूबी मालूम है। दरअसल, मौजूदा समय में इंटरनेट की दुनिया से वाकिफ हर व्यक्ति आज किसी न...

चौपालः भटकाव की राजनीति

राजनीति एक जरिया है देश को सुव्यवस्थित और सुदृढ़ बनाने का, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से राजनीति गणित के लाभ-हानि के अध्याय की तरह...

चौपालः रोजगार और सरकार

स्वतंत्रता के बाद से ही सरकारी महकमों की वर्ग ग और घ सेवा की श्रेणी सबसे अधिक रोजगार प्रदान करने वाली रही है।

चौपालः कसौटी पर शिक्षा

भारत में कभी नालंदा, विक्रमशिला, तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालय दुनिया भर को आकर्षित करते थे। लेकिन आज दुनिया के बेहतरीन विश्वविद्यालयों की सूची में भारत...

अतीत का आईना

ब्रिटिश साम्राज्यवाद से मुक्ति के लिए उनके रास्ते अवश्य गांधीजी से भिन्न थे, लेकिन देश की जनता को अंग्रेजी दासता के विरुद्ध उद्वेलित...

चौपालः प्रेम पर राजनीति

केरल के कथित ‘लव जिहाद’ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला दिया। हिंदू से इस्लाम धर्म कबूल करने वाली हादिया अब न...

चौपालः जुर्म और दंड

हाल ही में मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल ने बारह वर्ष तक की लड़की से बलात्कार करने पर फांसी की सजा की सिफारिश को मंजूरी दी है।...

चौपालः सूचकांक के निहितार्थ

आज किसी देश की स्थिति का अनुमान प्राय: विविध सूचकांकों के आधार पर लगाया जाता है।

चौपालः शिक्षा की साख

अकादमिक शिक्षा देश की शिक्षा-व्यवस्था का आधार होती है। आने वाली पीढ़ियां कैसे सोचेंगी, इसका निर्धारण इसे ही करना होता है।

चौपालः पाबंदी के बावजूद

दुनिया भर में अलग-अलग कारणों से फिल्मों और किताबों को उनकी आखिरी मंजिल, जनता के पास जाने से रोका जाता रहा है। प्रतिबंधित फिल्मों...

अभिव्यक्ति पर प्रहार

जो समाज अब तक तमाम तरह की अश्लील फिल्में बर्दाश्त करता रहा हो, लेकिन अब अचानक संस्कृति और खासतौर पर जातीय गौरव की आड़...