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रविवारी

नन्ही दुनिया: कविता और शब्द-भेद

अनुप्रिया कविता चले खेलने होली भोर हुई और निकल पड़ी घर से बच्चों की टोली रजिया, गुनगुन, रोहन, बबली चले खेलने होली चेहरे पर...

नन्ही दुनिया: मिंकी की होली

अब तक की हर होली में मिंकी बंदर का काम दूसरों को गहरे रंगों से रंग देना होता था, जो कई दिन तक छूटते...

रंगों का सही इस्तेमाल

सर्दी का मौसम जाते ही, हल्के रंग के कपड़ों का चलन शुरू हो जाता है। जिन इलाकों में गरमी ज्यादा पड़ती है, वहां ज्यादातर...

सेहत: दांतों में झनझनाहट

दांतों में होने वाली एक आम समस्या है और वह है दांतों में ठंडा गरम लगना। ठंडा गरम लगने से आप गरमागरम चाय या...

दाना-पानी: होली के पकवान

होली मीठे और चटपटे व्यंजनों का त्योहार है। आमतौर पर इस दिन शहरों में लोग गुझिया, गुलाब जामुन, पकौड़े, पापड़, दही वड़े जैसे व्यंजन...

शख्सियत: कल्पना चावला

हरियाणा में जन्मी कल्पना चावला आज भी लोगों की स्मृति में हैं। हर लड़की कल्पना चावला जैसी बनना चाहती है। कल्पना चावला भारतीय मूल...

पर्व: होली तेरे रंग अनेक

वासंती बयार की उमंग के साथ परंपरा को अपने भीतर समेटे होली आ रही है। होली सनातन पर्वों और त्योहारों में आनंद का सर्वश्रेष्ठ...

संदर्भ: फागुन के बहाने रंग-चर्चा

फागुन की दस्तक सुनने के लिए कान नहीं, मन चाहिए। फागुन ही तो वह महीना है जो हमें रंगों की सुध दिलाता है और...

कहानी: जो उसे मंजूर

अरविंद सुना रहा था कि निजी अस्पतालों का छत्रकों की तरह उग आना गरीबों के लिए मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ने जैसा है। मैं...

कविताएं: ‘जैसे हरी दूब भरा मैदान’ और ‘सब कबाड़’

राजकुमार कुम्भज जैसे हरी दूब भरा मैदान पश्चात्ताप नहीं उदासी नहीं, अवसाद भी नहीं ताकतवर प्रतिध्वनियों से जी चुराना या बच निकलना भी नहीं...

होली आई रे…

होली का त्योहार सारे त्योहारों में निराला है। रंगों का उत्सव। चूंकि यह त्योहार ऐसे मौसम में पड़ता है, जब सर्दी बीत रही होती...

नन्ही दुनिया: कविता और शब्द भेद

सूर्यकुमार पांडेय बेहतर हो इनका जीना पैरों में टूटी चप्पल है, एक अंगौछा कंधे पर, रामदीन घर से निकला है, सुबह दिहाड़ी धंधे पर।...

नन्ही दुनिया: बिजली वाले मास्टरजी

विनय विज्ञान का अध्यापक है। उसकी पहली तैनाती एक छोटे से गांव खारी में मिली। चूंकि खारी शहर से दूर था, इसलिए उसने गांव...

बढ़ाएं परिचय की डोर

शादी-विवाह या किसी दूसरी खुशी के मौकों पर आयोजित समारोहों में जाना सभी को अच्छा लगता है। मगर कई बार ऐसे समारोहों में जाना...

बदलते मौसम में त्वचा की देखभाल

रूखी त्वचा, होठों से निकलती पपड़ी और शरीर पर बार-बार रूखेपन की वजह से होने वाली खुजली... इस बदलते मौसम में कुछ इस तरह...

दाना-पानी: छाछ के कुछ व्यंजन

छाछ यानी बटर मिल्क को आयुर्वेद में सेहत के लिए अमृत कहा गया है। हालांकि वात संबंधी परेशानियों वाले कुछ लोगों को छाछ का...

शख्सियत: साहिर लुधियानवी

शायर और गीतकार साहिर लुधियानवी का जन्म लुधियाना में हुआ। लुधियाना के जागीरदार परिवार में पले-बढ़े साहिर का मूल नाम अब्दुल हई था। वे...

रूस में योग के बढ़ते कदम

रशियन एकेडमी ऑफ साइंस मास्को द्वारा आयोजित योग विषय को लेकर अपने वक्तव्य के दौरान मैंने अनुभव किया कि कठोर स्वभाव का समझे जाने...