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दुनिया मेरे आगे

अकेली चप्पलों का दुख

सच यही है कि फिर चप्पल हो या इंसान, सबको साथ चाहिए होता है। नाम दूसरों से मिला है, मान्यताएं,…

फूलों की खुशबू-सी आजादी

आजाद देश का नागरिक होने के नाते आप अपने अधिकारों ही नहीं, अपने कर्तव्यों से भी वाकिफ हों।

सपने में देखा सपना

वर्तमान दौर की भागमभाग में मनोवैज्ञानिक सलाह देते हैं कि हम तनावहीन, शांतिपूर्ण जीवन जीएं।

समर्पित मातृत्व

मातृत्व की उसकी सहज प्रवृत्ति अपनी संतति पर जरा-से खतरे के आभास के साथ रौद्र रूप धारण कर लेती है।

पैसा ये कैसा पैसा

बहुत पैसा इकट्ठा करके भी कुछ लोग कभी खर्च नहीं कर पाते और अंतत: उसे अपनी संततियों के उपयोग के…

अंधेरी सुरंग के पार रोशनी

आजकल लोगों में मुहब्बत कम और ईर्ष्या अधिक है। अगर कोई सक्षम नहीं है तो उसे ताने मारे जाते हैं…

बहा जात है पानी

ऋगवेद में बताया गया है कि जल ही औषधि है, जल रोगों का शत्रु है, यही सभी रोगों का नाश…

आप और क्या हैं

पहले संबंध और रिश्ते सहज तथा स्वाभाविक ढंग से बनते थे।

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