ताज़ा खबर
 

संपादकीय

बहा जात है पानी

बांधों में जल भंडारण पहाड़ी नदियों और बरसात के पानी से होता है। उस जल को एक तय सीमा के बाद सिंचाई, कारखानों और...

काले पर परदा

कालेधन का मुद्दा हमेशा से संवेदनशील रहा है। खासकर आम चुनाव आते हैं, यह मुद्दा बोतल के जिन्न की तरह बाहर निकल आता है।...

संपादकीय: इलाज के बजाय

अगर पीड़ित के पास आधार कार्ड नहीं है तो उसे रेबीज-निरोधी टीका नहीं लगाया जाएगा। यानी अगर कोई व्यक्ति आपात स्थिति में अपने साथ...

संपादकीय: अशांति की घाटी

गुरुवार को डोडा जिले के भद्रवाह में एक घटना ने सांप्रदायिक हिंसा का रूप ले लिया। यह इलाका वैसे भी सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील...

संपादकीय: उत्पीड़न का पाठ

यह समझना मुश्किल है कि जिस शिक्षक ने बच्ची के साथ ऐसे बर्ताव में कक्षा के बाकी बच्चों तक को शामिल किया, उसके सोचने-समझने...

संपादकीय: अनदेखी की संहिता

पश्चिम बंगाल पुलिस को यह बात अच्छी तरह पता थी कि वहां भाजपा और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच शुरू से टकराव का माहौल...

संपादकीय: सुरक्षा का सफर

आए दिन होने वाले हादसों में कई लोग अपने सामने देखते हैं कि हेलमेट नहीं होने की वजह से ही पीड़ित व्यक्ति को गंभीर...

संपादकीय: सेना की चिंता

सेना ने रक्षा मंत्रालय को बताया है कि खराब गोला-बारूद से टी-72, टी-90 और अर्जुन टैंक और बंदूकों में किस तरह से हादसे होते...

संपादकीय: लापरवाही का हासिल

भारत की सरकार, जांच एजेंसियों, खुफिया एजेंसियों की हालत यह है कि जब सब कुछ हाथ से निकल जाता है तब ये सिर पटकना...

संपादकीय: अपराध का चेहरा

दरअसल, बच्चों के खिलाफ यौन दुर्व्यवहार के लगभग सभी मामलों में यह एक अहम तथ्य है कि छोटे बच्चे चूंकि समझ और शारीरिक क्षमता...

संपादकीय: कारोबारी जंग

चीन और अमेरिका भले अपने कारणों से लड़ रहे हों, लेकिन इस जंग से भारत अछूता नहीं रहने वाला। व्यापार युद्ध से उठने वाली...

संपादकीय: वोट की कीमत

विडंबना यह है कि लोगों को उनके वोट के बदले मोबाइल फोन, घड़ी जैसे अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, चांदी की पायल या अन्य जेवर, रसोई...

लाचारी और लापरवाही

पिछले साल अक्तूबर में सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली बिल्डर के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए समूह की संपत्तियां सील कर दी थीं। कंपनी के...

हिंसा का चुनाव

यह छिपी बात नहीं है कि जबसे राजनीति में बाहुबल और धनबल का प्रवेश बढ़ा है, तब से चुनावों के समय हिंसक घटनाएं भी...

संपादकीय: खुदकुशी की खोह

इन दिनों परिवार का भरण-पोषण, शिक्षा, विवाह आदि जैसी जरूरी आवश्यकताओं की पूर्ति कर पाना भी बहुत सारे लोगों के लिए मुश्किल होता गया...

संपादकीय: दबाव और चुनौती

सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति, तरक्की और तबादले संबंधी काम कालेजियम ही देखता है। कालेजियम प्रधान न्यायाधीश सहित पांच वरिष्ठ...

संपादकीय: लापरवाही के अस्पताल

मदुरै के एक सरकारी अस्पताल में बिजली चले जाने की वजह से गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती पांच मरीजों का दम तोड़ देना और...

संपादकीय: बेलगाम अपराध

महिलाओं की सुरक्षा के मसले पर जताई जाने वाली फिक्र से लेकर ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ तक के नारे के बीच महिलाओं के खिलाफ...