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रविवारीय स्तम्भ

आकर्षण और विकर्षण के बीच

निर्माता जब किसी साहित्यिक कृति पर फिल्म बनाने की ओर अग्रसर होता है, तो वह उसमें तमाम परिवर्तन कर देना चाहता है, जो बाजार...

चर्चाः सिनेमा में साहित्य की आवाजाही

साहित्यिक कृतियों पर फिल्में बनाने का चलन पुराना है। अनेक बड़े फिल्मकार कहानियों, उपन्यासों आदि से प्रभावित हुए और उन्होंने अपनी कलात्मकता से उन्हें...

दूसरी नजरः सात फीसद वृद्धि के जाल में

गरीब अपनी किस्मत के हवाले हैं। मझोले कॉरपोरेट (4000) फेंके गए टुकड़ों का हिसाब लगाने में लगे हैं। बजट पर अगर कोई चर्चा...

बाखबर: रंगों की राजनीति

इसी श्रेणी की तीसरी खबर बनाई टीएमसी की नई सांसद नुसरत जहां ने जगन्नाथ रथयात्रा में बिंदी और सिंदूर लगा कर हिंदू विधि से...

वक़्त की नब्ज़: समर्थन का आधार

मोदी के पहले कार्यकाल में ग्रामीण भारत में काफी परिवर्तन आया है। कच्चे घर पक्के करने के लिए सरकारी मदद मिली है। घरों में...

परिवार की जगह

बेटा-बेटी में अंतर नहीं करने का दावा करने वाले इक्कीसवीं सदी के समाज में भी जाति, लैंगिक भेदभाव, पुत्र जन्म की उच्च महत्त्वाकांक्षा इतनी...

दूसरी नजर: क्यों नाखुश होंगे तेरह अर्थशास्त्री

अर्थव्यवस्था को वैसे ही क्रांतिकारी सुधारों की जरूरत है जैसे 1991-96 में किए गए थे। सरकार को ऐसे सुधारों के लिए जनादेश मिला है।...

बाखबर: निवेदन, आवेदन और दनादन

भाजपा के बड़े नेता कैलाश विजयवर्गीय के एमएलए सुपुत्र आकाश ने जिस तरह निगम के अधिकारियों पर सरेआम बल्ला घुमाया, वह वर्ल्ड कप से...

तीरंदाज: छीजती मेधा के दौर में

अगर हम थोड़ी-सी भी गंभीरता से अपने आसपास देखें तो साफ हो जाएगा कि हमारे बौड़मपन की दर में लगातार वृद्धि हो रही है।...

वक्त की नब्ज: हिंसा का सिलसिला

पिछले हफ्ते की हिंसक घटनाओं ने साबित कर दिया है कि कानून को अपने हाथों में लेने से लोग अब डरते नहीं हैं। विधायक...

दूसरी नजर: एक देश, एक चुनाव, अनेक आशंकाएं

विपक्ष, कम से कम हिंदीभाषी राज्यों में, इस लायक था नहीं कि वह इस चतुराई भरी चुनावी चाल का जवाब दे पाता और लोगों...

दूसरी नजर: सरकार के भीतर सरकार

क्या इससे ज्यादा विध्वंसकारी और दर्दनाक कुछ हो सकता है? (2008 से 2014 के दौरान दिमागी बुखार से छह हजार मौतें हुई थीं।) कुछ...

वक्त की नब्ज: बीमार स्वास्थ्य सेवाएं

उम्मीद करते हैं कि इस बार प्रधानमंत्री नहीं भुलाएंगे उन मासूम बच्चों को, जो मुजफ्फरपुर के उस अस्पताल में मरे हैं। इस बार परिवर्तन...

बाखबर: कैसे कैसे मनोहर दृश्य!

इस बीच कैमरों ने दिखाया कि राहुल देखते रहे अपने मोबाइल को पूरे चौबीस मिनट और जब औपचारिकता में मम्मी सोनिया ने मेज थपथपाई...

शिक्षा: शिक्षा की आधार-त्रयी

प्रबोधन, नायकत्व तथा सामंजस्य वे तीन तत्त्व हैं, जो अध्यापक और विद्यार्थी दोनों को परिभाषित करते हैं, इसलिए यही शिक्षा नीति का मूल आधार...

तीरंदाज: आप मेरे दादू नहीं हो सकते

कुछ देर मैं सुन्न खड़ा रहा। फिर लंबी सांस लेने की कोशिश की। नहीं आई तो पानी में डुबकी मार ली। दम घुट गया।...

दूसरी नजर: विरासत में मिली अर्थव्यवस्था

श्रीमती निर्मला सीतारमण ने जिस तेजी से तरक्की की है, उसकी मैंने तारीफ की है। पार्टी प्रवक्ता (2010) से वे 2014 में वाणिज्य मंत्री...

वक्त की नब्ज: पुराना भारत नया भारत

हकीकत यह है कि भारत के मतदाता बदल गए हैं और हमारे तकरीबन सारे विपक्षी राजनेता इस परिवर्तन को या तो देखना नहीं चाहते,...