हमारी सोच पर स्वभाव और परिस्थितियों का अलिखित नियंत्रण होता है।
पिछले दिनों एक ऐसी दिलचस्प खबर आई थी, जिस पर सहसा विश्वास नहीं हुआ था।
कल्पना कीजिए कि अगर पृथ्वी की गति अचानक बढ़ जाए या कम हो जाए, तो क्या होगा! हमारे रात-दिन का…
मनुष्य की लालसा कभी खत्म नहीं होती हैं। एक पूरी होती है तो दूसरी आ जाती है।
सार्वभौमिक रचनात्मकता की अपनी भव्य यात्रा में प्रकाश ने ब्रह्मांडीय पदार्थ को जीवन-प्रक्रियाओं में रूपांतरित कर जैवमंडल का निर्माण किया।
संसार भर के देशों में ऐसे हजारों शोध हुए हैं, जिनके आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है कि मदद…
हमारे सुविधाजनक जीवन की बुनियाद प्रकृति है, लेकिन हमारे जीवन में प्रकृति अनुपस्थित होती गई है।
जीवन क्या है, क्या नहीं है, यह तय करना सरल है, मगर चुनौतीपूर्ण भी!
इन दिनों जिस तरह से पर्यावरणीय तब्दीली के कारण मौसम में बदलाव की आहट दिखाई देती है, वह सचमुच चिंतनीय…
प्रकृति से जुड़े हर पक्ष को त्योहार में बदलकर हमारे जीवन का अभिन्न अंग बनाने वाले हमारे ऋषि-मुनियों का दृष्टिकोण…
अपने आपको सतत नवीकृत करना शायद प्रकृति का सबसे मनपसंद काम है।
इन दिनों एक बात अक्सर देखने में आ रही है कि आसपास का संसार किसी को भी एक सीमा से…