ताज़ा खबर
 

ब्लॉग

राजनीति: लोकपाल और चुनौतियां

भ्रष्टाचार की व्यापकता और उसकी स्वीकार्यता जिस अनुपात में समाज में व्याप्त हो चुकी है, उसका निर्मूलन इस अकेले कानून से संभव नहीं है।...

Holi 2019: ‘ढोला ढोल मजीरा बाजे रै काली छींट को घाघरों नजारा मारे रै’

Happy Holi 2019: मगर अबकी सरकारी मुलाजिमों की छुटियाँ चुनाव की वजह से रद्द कर दी गई है। घर न जाने की टीस इनके...

चौपाल: होली के नाम पर

होली हिंदुओं का त्योहार है। इसमें हर रीति-रिवाज को पूरा करना एक मान्यता है, इसलिए होलिका का सिर्फ प्रतीकात्मक दहन करते हुए पुरानी डलिया,...

चौपाल: दलबदल का खेल

जनता को चाहिए कि वे इस चुनावी जाल में न फंस कर सोच-समझ कर मतदान करे और उसी उम्मीदवार को वोट दे जो समाज...

दुनिया मेरे आगे: भय की परीक्षा

मेडिकल शिक्षा में तो हाल बहुत बुरा है। अगर किसी की जेब में एक करोड़ रुपए खर्च करने की ताकत है तो एक चिकित्सक...

राजनीति: संकट में दूध उत्पादक

अभी भी भारत में ठंड के कुछ महीनो में दूध का उत्पादन बहुत ज्यादा होता है। बिचौलियों की वजह से उत्पादक तक कम कीमत...

चौपाल: रोजगार से दूर

विशेषज्ञों का मानना है कि विमुद्रीकरण और जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के बाद भारत में बेरोजगारी अधिक तेजी से बढ़ी है जिसके...

चौपाल: शुचिता का तकाजा

पिछले साल राजनीतिक दलों पर निगाह रखने वाले संगठन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि देश के 81...

दुनिया मेरे आगे: युद्ध की आग

दुनिया भर का इतिहास युद्ध के रक्तरंजित किस्सों से भरा हुआ है। इन किस्सों की कहानियां साहित्य का भी महत्त्वपूर्ण अंग बन चुकी हैं।...

राजनीति: भारत, चीन और मसूद अजहर

भारतीय कूटनीति पाकिस्तान के खिलाफ खूब आग उगलती है। लेकिन जब चीन की बात आती है तो ठंडी हो जाती है। चीन पाकिस्तान में...

संपादकीय: मनोहर मिसाल

साल भर पहले जब उन्हें अपनी बीमारी के बारे में पता चला था, तभी से उन्होंने अपने को बदल लिया था। वे जानते थे...

राजपाट: वक्त का फेर

जहां तक नीतीश कुमार का सवाल है वे फिजूल की बयानबाजी से परहेज करने के अपने स्वभाव को छोड़ नहीं रहे। तभी तो बस...

बेबाक बोल: बदलना हो तो…(पाठ 11)

जब देश की अर्थव्यवस्था बहुत चमकती सी नहीं है, बेरोजगारी के आंकड़े बेचैन कर रहे हैं, सीमाई खतरे बढ़े हुए हैं उस समय भी...

चौपाल: मुनाफे की शिक्षा

एक रिपोर्ट के अनुसार 2010 से 2016 तक भारत के 20 राज्यों के सरकारी स्कूलों में होने वाले दाखिलों में 1.3 करोड़ की गिरावट...

दुनिया मेरे आगे: पढ़े-लिखे लोग

पढ़े-लिखे लोग आमतौर पर कम पढ़े-लिखे और अनपढ़ लोगों को हेय दृष्टि से देखते हैं, गंवार और अनपढ़ कह कर उनका मखौल भी उड़ाते...

राजनीति: आतंक और पाकिस्तान

पाकिस्तान की दुनियाभर के आतंकी हमलों में संलिप्तता उजागर भी होती रही है। साल 2011 में भी अमेरिका ने गोपनीय दस्तावेजों में ग्वांतानामो बे...

संपादकीय: हादसे का पुल

विडंबना यह है कि न तो अपने यहां समय पर सावधानी बरतने, हादसे से बचने के लिए कमजोर हो चुके पुलों की मरम्मत करने...

दुनिया मेरे आगे: सोच का दायरा

‘मेरा शरीर मेरा अधिकार’ जैसे विचारों पर चर्चा चल रही थी। चर्चा में एक सहयोगी शिक्षक भी कूद पड़े। उनके बोलने के ढंग...