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SC के पूर्व जज ने योग दिवस को बताया नौटंकी, कहा- जिनके पास रोटी नहीं, उनसे यह केक खाने को कहने जैसा

भारत में लोग योग नहीं बल्कि भोजन, नौकरी, आश्रय, उचित स्वास्थ्य देखभाल, अच्छी शिक्षा और अन्य आवश्यकताएं चाहते हैं। किसी भूखे या बेरोजगार पुरुष/महिला...

‘अपने’ देश में ‘बेगाना’ होने का दर्द

विभिन्न देशों के दुर्लभ प्रहार यदि किसी देश ने झेला है तो वह भारत है। किसी विदेशी आक्रांताओं को भारतीय मानव मूल्यों, उसके संस्कार...

जीत-हार की खुशी और कसक, दोनों को पचा पाना मुश्किल

इन चार दशकों के दौरान केंद्र में चाहे जिस दल या गठबंधन की सरकार रही हो, सभी ने अपने विरोधी दलों की राज्य सरकारों...

राजा-प्रजा में विकसित समझदारी से टल जाते हैं बड़े से बड़े संकट

महापुरुषों की विराट राष्ट्रीय चेतना को संकीर्णता के दायरे में न समेटें, बता रहे हैं यूपी के संस्कृति विभाग के विशेष सचिव डॉ दिनेश...

“महिला आयोग के सदस्यों की अर्हता पर सवाल उठने लाज़मी! दिक्कत मोबाइल से है या गलत मानसिकता से?”

कुमारी ने जो सवाल लड़कियों के मोबाइल को लेकर उठाए हैं, उसमें उन्हें थोड़ा और अध्ययन करते हुए सोचना चाहिए था। बलात्कार के साथ...

मूलभूत ज़रूरतों की कमी से हो रही मौतों पर सियासत नहीं सचेत होना ज़रूरी

कोई सोच सकता हैं कि बुज़ुर्ग नानी और बच्ची 9 घंटे तक बिना पानी पिए रेत के टीलों के सहारे पैदल ही 25 किलोमीटर...

Congress रहे या टूटे, UP में BJP हारे या जीते- जनता से क्‍या सरोकार? पूर्व PCI चीफ का मीड‍िया से सवाल

प्रेस काउंस‍िल ऑफ इंड‍िया (पीसीआई) के पूर्व अध्‍यक्ष और बतौर सुप्रीम कोर्ट जज र‍िटायर हुए मार्कण्‍डेय काटजू का कहना है क‍ि आज मीड‍िया उन...

उपेक्षा…जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी

अब बात कोरोना के तीसरे संभावित फेज की। कहा जाता है कि यह बहुत ही खतरनाक फेज होगा। लेकिन, यदि समाज के सभी व्यक्तियों...

World Environment Day 2021: कोरोना का पर्यावरण से क्या संबंध है? समझिये सबकुछ

World Environment Day 2021: व्यापक स्तर पर हुए शोधों के परिणाम बतलाते हैं कि औद्योगिक देशों में कई क्षेत्रों में ग्रीनहाउस गैसें, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड...

कोरोना से लड़ाई में भारतीय संस्‍कृत‍ि कैसे बनी मददगार, समझ‍िए

बेकार है आयुर्वेद-एलोपैथी व‍िवाद। भारतीय संस्कृति में निहित चिकित्सकीय विधाओं के सामंजस्य भाव को समझिए।

UP में BJP की हार की भव‍िष्‍यवाणी करने वाले आधा ही सच देख रहे

इंदिरा गांधी ने ग़रीबी हटाओ का नारा दिया और जनता ने समझा अब तो ग़रीबी निश्चित हटेगी। मोदी ने विकास का नारा दिया और...

भाषा से कैसी नफरत! ये तो मूर्खता है!!

जो विदेशी भाषा के शब्द बोलचाल की भाषा में आ गए हैं उन्हें नफरत में पड़ कर निकालना मूर्खता है।

क्‍या स्‍वतंत्र मीड‍िया का मतलब केवल मोदी-BJP व‍िरोध है?

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज का कहना है कि अधिकांश मीडिया तो बिकाऊ, बेशर्म, चाटुकार, गोदी मीडिया हो गई है। उसकी तो बात करना...

“विकसित देशों में एक गुप्त अलिखित नियम है: भारत को कभी विकसित देश नहीं बनने देना है”

हमारी राजनीति काफी हद तक धर्म और जाति के वोट बैंक पर चलती है और हमारे नेता विदेशी तत्वों के कठपुतली हैं, जो "बांटो...

सोशल मीडिया पर विरोधाभाषी बुद्धिजीवी

हम किसी बात को तिल का ताड़ क्यों बना देते हैं! यह ठीक है कि भारतीय संविधान और न्यायालय ने हमें लिखने-बोलने की आजादी...

इरादों का पक्का रहा है इज़राइल! समय आने पर साबित भी किया

युगांडा के एंतबे एयरपोर्ट पर अगवा विमान छुड़ाने से लेकर म्यूनिख ओलिम्पिक के साजिशकर्ताओं को सजा देने तक इजराइल ने जब जो ठाना, वो...

वीर सावरकर के नाम पर क्यों है मतभेद? पढ़ें उनके जीवन से जुड़े प्रमुख किस्से

श्री बाल गंगाधर तिलक के लेख पढ़कर प्रेरित नवयुवक विनायक ने 'अभिनव भारत'; जैसे क्रांतिकारी संगठन की स्थापना की। इस संगठन का उद्देश्य समय...

निरर्थक सवाल- योगी UP के CM रहेंगे या नहीं? BJP सत्ता में लौटेगी या नहीं?

मुख्य सवाल है कि कैसे आम आदमी के जीवन स्तर का मौलिक परिवर्तन हो और उसे बेहतर जिंदगी मिले?

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