विवेक कुमार मिश्र

विवेक कुमार मिश्र के सभी पोस्ट 4 Articles

दुनिया मेरे आगे: राह का कनेर

कोई जरूरी नहीं कि सबको व्यवस्थित जगह ही मिले। होना तो यह चाहिए कि जो जगह मिल गई है, कोई वहीं पर मगन हो...

ललित प्रसंग: आधुनिकता और तकनीक

संसार की समूची सांसारिकता और सामाजिकता के लिए जीवन के आख्यान का हमारे आसपास होना जरूरी होता है। आख्यान का रचा जाना मूलत: जीवन...

सुकून की खोज

दरअसल, जीवन को जानने के लिए आदमी को जीवन के बीहड़ में कूदना पड़ता है। हर कदम पर आगे बढ़ना पड़ता है। रुकना यहां...

खाली वक्त के मारे

आज बढ़ती आबादी के बीच जीवन जीने और कुछ करने की चुनौती जैसे-जैसे बढ़ी है, वैसे-वैसे रोजगार के मौके भी कम होते गए हैं।...