
बलराज साहनी अभिनय के शौकीन थे। उन्होंने अभिनय की शुरुआत इंडियन पीपुल्स थियेटर एसोसिएशन (इप्टा) से की। उन्होंने 1946 में…

बलराज साहनी अभिनय के शौकीन थे। उन्होंने अभिनय की शुरुआत इंडियन पीपुल्स थियेटर एसोसिएशन (इप्टा) से की। उन्होंने 1946 में…

किशोरावस्था तक बालसरस्वती लोकप्रिय नृत्यांगना बन गई थीं। अभिनय में उनकी अलग पहचान बन चुकी थी। 1934 में वह भरतनाट्यम…

शायद अपने समय का वे एकमात्र ऐसे कवि थे, जिन्हें प्रबुद्ध और बौद्धिक जनों का भी भरपूर स्नेह मिला और…

फोन की घंटी बजी। गांव से खबर मिली कि आज सुबह हवेली में भगतराम मर गया। आंखें जैसे चलचित्र हो…

चुका नहीं है जीवन, चुका नहीं हूं मैं भी अभी, फिर भी भिनभिना रही हैं मक्खियां

इच्छा मृत्यु के अधिकार को लेकर लंबे समय से बहस चलती रही है। कुछ लोगों का मानना रहा है कि…

मीता दसवीं कक्षा में पढ़ती थी। उसके परिवार में मम्मी-पापा और एक भाई था मलय। इधर कुछ समय से मीता…

पश्चिम बंगाल के जोड़ासांको में जन्मे रवींद्रनाथ ठाकुर पहले भारतीय थे, जिन्हें गीतांजलि के लिए नोबेल पुरस्कार मिला। उनके लेखन…

रवींद्रनाथ ठाकुर ने अपनी जीवन स्मृति में लिखा है कि बचपन में रात को सोने से पहले, प्रार्थना के बाद…


सदियों से आ रहे हैं। गा रहे हैं, और सुबह सबेरे आज भी हमें जगा रहे हैं या जागे हुए…
