कायदे से चलेंगे तो सही फायदा मिलेगा। कुछ लोग कायदे से बिदके रहते हैं और नाकामी को किस्मत जैसी काल्पनिक…
ऐसी भीषण आर्थिक विषमता किसी भी सभ्य और संतुलित व्यवस्था के अनुकूल नहीं होती। लोकतंत्र में तो कदापि नहीं; क्योंकि…
स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना भ्रष्टाचार की नजर लग जाने से बंद होने के कगार पर है। कहीं-कहीं तो उच्च…
अब सरकार को यह सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी है कि राशन वितरक गरीबों के हक के अनाज में छेद न…
इन दिनों हर मुद्दे पर झगड़ा है : पहले सड़क पर झगड़ते हैं, फिर टीवी में भिड़ते हैं, फिर अदालत…
घमौरियां इस बात का संकेत हो सकती हैं कि आपके शिशु को अत्यधिक गर्मी लग रही है। अगर आप उसे…
गिरिजा देवी सेनिया और बनारस घरानों की एक प्रसिद्ध भारतीय शास्त्रीय गायिका थीं। वे शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत का गायन…
असंगठित क्षेत्र के मुख्य धारा में नहीं होने के पीछे कुछ समस्याएं हैं। इनमें सबसे बड़ी तो यही है कि…
आज सोशल मीडिया के अलग-अलग मंचों पर रोजाना दरियादिली और ज्ञान के ऐसे हजारों-लाखों संदेश बिखरे दिखाई देते हैं कि…
घाटी के मुसलमान भी चाहते थे कि वे लौट कर अपनी जगह-जमीन पर फिर से कब्जा लें। मगर कुछ सालों…
इस व्यवस्था में ऐसे भी मौके आएंगे, जब एक लिखे हुए शब्द और इसके अर्थ को लेकर विवाद उत्पन्न हो…
यह पत्रकारिता नहीं, चापलूसी है। मगर इस हद तक चापलूसी ने ले ली है पत्रकारिता की जगह कि किसी को…