अश्विनी भटनागर

अश्विनी भटनागर के सभी पोस्ट 89 Articles

Dictatorship, democracy, hitler

तीरंदाज: लोकतंत्र में तानाशाही

हाल के दशकों में लोकतांत्रिक तानाशाहों ने अपने को वैश्विक मीडिया और नई तकनीक के अनुसार ढाल लिया है। अपनी उद्देश्य सिद्धि के लिए...

India and china relationship, impact of china attack, effect of relation

तीरंदाज: चौतरफा खतरे के बीच

भारत के पास आज सीमित विकल्प है। यह सच है कि चीन की उग्र साम्राज्यवाद के खिलाफ दुनिया के हर कोने से आवाजें उठ...

तीरंदाज: बहुत नर्क है

हमारी झोपड़पट्टी में जब किसी के पास कुछ बच जाता था तो हमें दे देता था। पर नागा तो करना ही पड़ता था, क्योंकि...

तीरंदाज: झूठ का बोलबाला

यह सच है कि झूठ की हमें लत लग गई है। हमारे प्राकृतिक पूर्वाग्रहों की वजह से यह ललक पैदा हुई थी और उसको...

जनसत्ता तीरंदाज: विषाणु का विष

विषाणुकाल के परिणामों के बारे में कई विद्वानों का कहना था कि यह हमारे जीवन में मूलभूत परिवर्तन देकर जाएगा। उनका कहना सही हो...

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तीरंदाज: जीवन का यह छोर

आज वह सब मिल गया है। आसमान साफ है, फिजाएं साफगोशी से खिल रही हैं, चांद एकदम पास है और प्रकृति फिर गुनगुना रही...

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जनसत्ता तीरंदाज: सभ्यता का फूहड़पन

आज के ह्रासवाद की समस्या पुराने समय से ज्यादा जटिल है, क्योंकि इसने हमें व्यापक स्तर पर जोड़ कर कतरा-कतरा कर दिया है। इतिहास...

तीरंदाज: एक टुकड़ा धूप

उसके सवाल ने मुझे एक पल के लिए अवाक कर दिया। मैं सोच में पड़ गया। चारों ओर से घिरे होने की वजह से...

तीरंदाज

तीरंदाज: समय के संदर्भ

पिछले कुछ सालों में ‘वाट्सऐप यूनिवर्सिटी’ की शागिर्दगी जिस तरह से बढ़ी है, उससे तर्कहीन मेधा का विकास साफ नजर आता है। हम मानें...

तीरंदाज: कीड़े में तब्दील आदमी

अपने उपन्यास में काफ्का कहीं भी नहीं बताते है कि वह आदमी कीड़े में कैसे बदल गया था। बस, वह बदल गया- अचानक एक...

तीरंदाज: अर्थहीन शब्दों का शोर

शब्दों का चुनाव और उनका सही संदर्भ में उपयोग सृजनकर्ताओं को किसी और पर नहीं टालना चाहिए।

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तीरंदाजः जाति में क्या रखा है

मां ने सुझाव दिया था कि आलम का नाम बदल दिया जाए और उसको हिदायत दे दी जाए कि वह अपना धर्म अम्माजी के...

तीरंदाज: ज्ञानमार्ग, भक्तिमार्ग!

संन्यासी आंदोलन और बंगाल अकाल की पृष्ठभूमि पर लिखी बाकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की कालजयी कृति ‘आनंदमठ’ की शुरुआत इस प्रकरण से होती है।

तीरंदाज: जन-संवाद ही रास्ता

हाल-फिलहाल मीडिया के प्रचार-प्रसार का जो मॉडल है, उसे तुरंत उलटा नहीं जा सकता। बाजार की ताकत उसके पीछे है और कोई भी प्रत्यक्ष...

तीरंदाजः सहमा हुआ अमेरिकी समाज

वास्तव में अमेरिका का ज्यादातर समाज आज बेहद सहमा हुआ है। उदारवादी दक्षिणपंथियों से सहमे हुए हैं तो दक्षिणपंथी उदरवादियों से सशंकित हैं। दो...

तीरंदाज: अपना मोर्चा

अनाम पंडित कहता है कि जैसे बुरी तरह से घिरा हुआ सैनिक, जिसे बचाव की कोई उम्मीद नहीं है, आखिरी सांस तक लड़ कर...

तीरंदाज: छीजती मेधा के दौर में

अगर हम थोड़ी-सी भी गंभीरता से अपने आसपास देखें तो साफ हो जाएगा कि हमारे बौड़मपन की दर में लगातार वृद्धि हो रही है।...

तीरंदाज: आप मेरे दादू नहीं हो सकते

कुछ देर मैं सुन्न खड़ा रहा। फिर लंबी सांस लेने की कोशिश की। नहीं आई तो पानी में डुबकी मार ली। दम घुट गया।...