ताज़ा खबर
 

अश्विनी भटनागर के सभी पोस्ट

तीरंदाज: आप मेरे दादू नहीं हो सकते

कुछ देर मैं सुन्न खड़ा रहा। फिर लंबी सांस लेने की कोशिश की। नहीं आई तो पानी में डुबकी मार ली। दम घुट गया।...

तीरंदाज: आ अब लौट चलें

वास्तव में चुनौतियों के डर से हम शहर में आकर छिप जाते हैं। रोटी का बहाना बनाते हैं और उस चूहे की तरह बन...

तीरंदाज: अज्ञानता का आत्मविश्वास

कोई व्यक्ति जितना अक्षम होगा उसका आत्मविश्वास उतना ही ज्यादा होगा। ज्ञान का भ्रम उसको अति-आत्मविश्वास देता है। दरअसल, ज्ञान का सबसे बड़ा शत्रु...

तीरंदाज: हिममानव के पदचिह्न

येति को आमतौर पर द्विपाद के रूप में वर्णित किया जाता है, पर अधिकतर वैज्ञानिकों का विश्वास है कि जाइगनटोपिथेकस चौपाया था। कभी-कभी वह...

तीरंदाज: भैंस के गले की घंटी

‘साहब’, उसने मुस्कुरा कर कहा, ‘चोर हमें नारों की घंटी सुना कर असली मुद्दों को कभी का गायब कर चुके हैं। हमारी भैंस तो...

तीरंदाज: तरक्की बनाम लड्डू

दीवाना राजा बन कर ऐश करने लगा। राजकाज की उसको समझ तो थी नहीं और न ही कुछ करने के चाह थी। उसे यकीन...

तीरंदाज: भीड़ हांकने का हुनर

ग्रीक दार्शनिक सुकरात का कहना था कि सार्वजनिक जीवन में सफल होने के लिए बहुत जरूरी है कि नायक उत्तेजित गतिविधि में लिप्त रहे...

तीरंदाज: वर्चस्व की सियासत

चीन सालों से अश्वमेध यज्ञ करने का संकल्प करके धीरे-धीरे अपना प्रभाव हर तरफ बढ़ा रहा था। दुनिया के हर कोने में- यूरोप, अमेरिका,...

तीरंदाज: किसान की जगह

हमें मिलकर सोचना है कि हम निजी और सामूहिक स्तर पर क्या करें, जिससे किसान और किसानी को उचित प्रतिष्ठा मिले और उसके काम...

तीरंदाज: पद और कद

शास्त्रीजी को देख कर मुझे अचंभा हुआ था। मन में उनकी छवि विराट रूप की थी- घर में सभी उनका जिक्र ऐसे करते थे...

तीरंदाज: पलने वाले, पालने वाले

हम सबको किसी न किसी तरीके की देखरेख चाहिए और अगर नहीं चाहिए, तो भी हमारा सामाजिक अनुकूलन इस प्रकार का है कि हमारी...

तीरंदाजः ठांय ठांय दर्शन

वास्तव में, ठांय ठांय राजनीति शास्त्र का महामंत्र है। यह चारों तरफ फैले बियाबान की सांय सांय को शांत करता है। इसका जाप करने...

तीरंदाजः सनातन अविरल धारा

सनातन धर्म की भव्य संरचना मूलत: तीन विशिष्ट स्तंभों पर आधारित है। इसका पहला स्तंभ देवता है, दूसरा पितर और तीसरा स्तंभ ऋता है।

तीरंदाज: आराम बड़ी चीज है

जब व्यक्ति आराम में होता है, तो उसे कुछ नया सूझता है, उसमें नई चाहतें पैदा होती हैं, जिनसे कुछ न कुछ संतुष्टि उत्पन्न...

तीरंदाजः महाबली के दिन

नए खुलासों से साफ है कि ट्रंप के आरोपों, अपशब्दों और धमकियों के बावजूद पत्रकारिता ने अपना धर्म निभा दिया है। उसने साहब की...

तीरंदाजः उम्मीद नजर नहीं आती

चाहे वह कश्मीर का मुद्दा हो, खालिस्तान का या फिर भारत के खिलाफ अघोषित युद्ध चलाने की उनकी वर्षों पुरानी मुहिम, सब अपनी जगह...

तीरंदाजः अंतर मांही गुरु

गुरु व्यक्ति नहीं, तत्त्व है जो हर व्यक्ति में निहित है। यह तत्त्व व्यक्ति को ईश्वरीय सिद्धांत और प्राकृतिक आचार से जोड़ता है। यह...

तीरंदाजः असुरक्षा का वितंडा

भारतीय महिला असुरक्षित है, कहना एक मानसिकता का परिचायक है। अक्सर बेहद सुरक्षित लोग अपने को, और दूसरों को भी, असुरक्षित मानते हैं। इस...

X