अब तक ‘सत्ता’ का सत्य था, अब ‘सत्य’ ही सत्ता है। कल तक सत्ता का ‘सत्य’ यह था कि ‘कट्टर…
अब तक ‘सत्ता’ का सत्य था, अब ‘सत्य’ ही सत्ता है। कल तक सत्ता का ‘सत्य’ यह था कि ‘कट्टर…
एक दिन जैसे ही बड़े बाबा ने ‘घर वापसी का काम तेज करने’ की लाइन दी, वैसे ही एक बड़े…
Parliament Ruckus: ‘जिउ जुत्सु’ वाला दिन विपक्ष के नेता के नाम रहा। उन्होंने ‘जिउ जुत्सु’ के ‘ग्रिप’ और ‘चोक’ का…
विपक्षी महिला सांसदों द्वारा किए गए ‘असंसदीय व्यवहार’ को लेकर कई चैनल लगे रहे। एक पक्ष कहता कि ‘प्रधान आत्मा…
टीवी बहसों की गाली-गलौज से लेकर गणतंत्र दिवस, यूजीसी के विवादित नियम, सवर्ण समाज का विरोध और सुप्रीम कोर्ट की…
गनीमत है कि इस खास समय में सामान्य नागरिक हित के मुद्दों पर अभी भी कई चैनल अपने को बेहद…
गत शुक्रवार चुनाव परिणामों ने साफ कर दिया कि ‘नरम ठाकरे’ के साथ ‘गरम ठाकरे’ के आने का नुकसान हुआ।…
‘मेगैंबो’ के प्रतीक के जरिए सत्ता की दादागीरी, वैश्विक राजनीति, डर, विरोध और लोकतंत्र के विरोधाभासों पर तीखा व्यंग्यात्मक नजरिया।
धर्म-राजनीति के टकराव और चुनावी आशंकाओं के बीच भारतीय लोकतंत्र का नया अखाड़ा कैसे तैयार हुआ—एक तीखा विश्लेषण।
एक अंग्रेजी चैनल ने अपने शाम की बहस के कार्यक्रम में बताया कि एक ओर प्रधानमंत्री चर्च जाकर एकता का…
संसद, सड़कों और टीवी चैनलों तक फैले टकराव की राजनीति पर तीखा व्यंग्य – जहां शोर है, आरोप हैं, लेकिन…
वंदे मातरम की डेढ़ सौवीं वर्षगांठ संसद में इतिहास, राजनीति और पहचान की बहस का केंद्र बनी। राष्ट्रगीत की यात्रा,…