व्यंग्यकार सुधीश पचौरी की तस्वीर, पृष्ठभूमि में अयोध्या, फिल्म सतलुज, Meta और अन्य समसामयिक मुद्दों के प्रतीकात्मक दृश्य। (सांकेतिक)
सुधीश पचौरी का कटाक्ष | अयोध्या से ‘सतलुज’ तक: चोरी, सेंसरशिप और जवाबदेही पर बहस

अयोध्या चढ़ावा चोरी प्रकरण, फिल्म ‘सतलुज’ विवाद, Meta की कार्यप्रणाली, अमेरिका-ईरान तनाव और समकालीन राजनीति पर तीखा व्यंग्य।

फीचर इमेज में बाईं ओर माइक्रोफोन पकड़े वरिष्ठ पत्रकार सुधीश पचौरी दिखाई दे रहे हैं। दाईं ओर अयोध्या राम मंदिर की पृष्ठभूमि के साथ दान पात्र, जांच फाइलें, आवर्धक लेंस, टीवी डिबेट स्क्रीन, माइक्रोफोन और आमने-सामने खड़ी राजनीतिक आकृतियों के प्रतीकात्मक दृश्य हैं। बीच में हिंदी शीर्षक "आस्था से आरोप तक" लिखा है, जो एक गंभीर संपादकीय और खोजी विषय को दर्शाता है।
राम मंदिर चंदा विवाद: सत्ता-विपक्ष आमने-सामने, चंपत राय, जांच और राजनीतिक घमासान पर विश्लेषण

भाजपा, संघ, हिंदुत्व या सनातन विचार हर रोज पिट रहा है। राम मंदिर की साख गिर रही है, लेकिन कहीं…

लेखक सुधीश पचौरी की तस्वीर, पृष्ठभूमि में नई संसद भवन और भारत की समकालीन राजनीति के प्रतीकात्मक दृश्य।
अयोध्या से एनजीओ फंडिंग तक: एक हफ्ते की सियासत में कैसे बदलते रहे मुद्दे? सुधीश पचौरी का विश्लेषण

राम मंदिर चढ़ावा विवाद, एनजीओ फंडिंग, पासपोर्ट, महाराष्ट्र, पंजाब, मध्य प्रदेश और केंद्र सरकार से जुड़े घटनाक्रमों के बीच सियासत…

क्या “परिवारधारा” बनाम “विचारधारा” की जंग में बदल रहा है भारतीय राजनीति का नया समीकरण?

सुधीश पचौरी के लेख में राजनीति, विपक्ष की रणनीति, टूट-फूट, सोशल इंजीनियरिंग और वैश्विक घटनाओं के संदर्भ में सत्ता बनाम…

Modi Era, Sudhish Pachauri, Trinamool Congress
सियासत में अजब नजारे: कोई लिख रहा ‘मोदी युग’, कोई गा रहा विपक्ष का विदाई गीत

सुधीश पचौरी के व्यंग्य में ‘मोदी युग’, तृणमूल कांग्रेस में बगावत, ममता बनर्जी की चुनौतियां, विपक्ष की राजनीति और बदलते…

जेन-जी, काकरोच पार्टी, Gymkhana Club, जिमखाना क्लब विवाद, ममता बनर्जी, विपक्ष की राजनीति
मैदान में कौन है, कौन नहीं? राजनीति के मंच पर नए किरदारों की तलाश | सुधीश पचौरी का विश्लेषण

कर्नाटक के नाटक का जवाब नहीं। अपनी ही सरकार होने के बावजूद राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दबाव के…

टीवी डिबेट, NEET प्रदर्शन, त्विषा न्याय अभियान, सीएनजी कीमतों और राजनीतिक घटनाओं को दर्शाता कोलाज, जिसके केंद्र में “नाउम्मीदी बढ़ गई है इस कदर” लिखा हुआ है।
NEET से मेलोनी तक: शोर, सनसनी और सियासत के बीच देश में बढ़ रही है नाउम्मीदी | सुधीश पचौरी का विश्लेषण

सत्ता ग्रहण के पहले दो सप्ताह में ही बंगाल के भाजपा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के कुछ ताबड़तोड़ फैसले बंगाल को…

तलपति विजय की तस्वीर के साथ ‘वंदे मातरम्’, सनातन विवाद और राजनीतिक विरोध का प्रतीकात्मक दृश्य।
‘वंदे मातरम्’ से ‘सनातन’ विवाद तक, तलपति विजय की चुप्पी ने क्यों चौंकाया?

भले ही तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री तलपति जोसेफ विजय के शपथ समारोह के शुरू में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ गाया गया…

लोकतंत्र में स्थिति ऐसी हो गई है कि कोई हारकर भी इस्तीफा नहीं देता और कोई जीतकर भी समय पर शपथ नहीं ले पाता।
अंग, बंग और कलिंग में खिला कमल: बंगाल में ‘भय’ पर ‘भरोसे’ की जीत और दीदी की विदाई | विचार

ममता दीदी हार नहीं मान रहीं, वे कहती हैं—हमें हराया गया है। लोकतंत्र में स्थिति ऐसी हो गई है कि…

BJP Inductees, 'Operation Lotus' Allegations, 'Washing Machine' Politics
देवता से ‘पाप’ तक: दल-बदल, ‘नरक’ बयान और बंगाल में धमकियों का दौर | सुधीश पचौरी का व्यंग्य

फिर एक दिन ‘अंकल सैम’ अपने किसी ‘सेवेज’ की देखा-देखी कह दिए कि ‘भारतीय और चीनी अमेरिका को ‘नरक’ बनाते…

West Bengal elections, high voter turnout
नैरेटिव की जंग: बिल से ज्यादा ‘कहानी’ पर लड़ी जा रही है राजनीति | सुधीश पचौरी का विश्लेषण

पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड मतदान के बीच भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।

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