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तवलीन सिंह के सभी पोस्ट

वक्त की नब्जः सुविधा की चुप्पी और मुखरता

जब कहा जाता है आज कि मोदी तानाशाह हैं और उनकी सरकार पत्रकारों पर दबाव डाल रही है, मुझे अजीब लगता है कि यही...

वक्त की नब्जः बुरे बनाम अच्छे दिन

मोदी कई बार कह चुके हैं कि उनके दौर में कारोबार करने का माहौल इतना अच्छा हो गया है कि विदेशी निवेशकों की लाइन...

वक्त की नब्जः पाकिस्तान में नया निजाम

भारत के लिए सवाल यह है कि पाकिस्तान के भावी प्रधानमंत्री का इस्लामी झुकाव उनकी विदेश नीति को कितना प्रभावित करेगा। चुनाव अभियान शुरू...

वक्त की नब्जः बुनियादी सरोकार से दूर

कुछ समय के लिए भारतवासियों को लगा था कि मोदी अन्य राजनेताओं से अलग हैं। कुछ क्षणों के लिए लगा था कि वास्तव में...

वक्त की नजर: शिक्षा की कमजोर बुनियाद

हमारी शिक्षा संस्थाएं आज भी उसी रास्ते पर चल रही हैं, जो रास्ता अंग्रेजों ने बनाया था। इस रास्ते को तैयार किया गया था...

वक्त की नब्जः सपने अधूरे, हुए नहीं पूरे…

परिवर्तन सिर्फ इतना हुआ है कि लटयंस दिल्ली की आलीशान कोठियों में अब रहने लगे हैं शान से मोदी सरकार के मंत्री उसी तामझाम...

वक्त की नब्जः उन्हें भी अहसास है…

परिवर्तन और विकास के रास्ते पर रहते मोदी तो अगला आम चुनाव हारने का सवाल ही नहीं उठता। बातें अब उनके हारने की हो...

वक्त की नब्जः राह कठिन है

मोदी की लोकप्रियता कम हुई है पिछले महीनों में। ऐसा कई वर्गों में हुआ है। छोटे कारोबारी और किसान अगर दुखी हैं तो मुंबई...

वक्त की नब्जः घाटी में खतरे की घंटी

अजीब बात है कि भारतीय जनता पार्टी के एक प्रधानमंत्री के दौर में कश्मीर घाटी में शांति बहाल रही और भाजपा के दूसरे प्रधानमंत्री...

वक्त की नब्जः झूठ के सहारे

गलतियां और भी गिनवाई जा सकती हैं मोदी के दौर की, लेकिन इनके बारे में न वामपंथी राजनेता कभी बोलते हैं और न ही...

वक्त की नब्जः दिल्ली पहुंचने का रास्ता

जब उत्तर प्रदेश के मतदाताओं ने देखा कि परिवर्तन और विकास के बदले उनको हिंदुत्व ही मिला है, तो भारतीय जनता पार्टी को छोड़...

वक्त की नब्जः विकास का झुनझुना

प्रधानमंत्री बहुत बार कह चुके हैं गर्व से कि उनके दौर में व्यवसाय करना इतना आसान कर दिया गया है कि विदेशी निवेशक भागे-भागे...

वक्त की नब्जः यह कैसा लोकतंत्र है !

लोकतंत्र का मजाक अगर उड़ा है कर्नाटक चुनावों के बाद, तो सिर्फ इसलिए कि दो राजनीतिक दल, जो एक-दूसरे के जानी दुश्मन थे कल...

वक्त की नजर: गरिमा के प्रतिकूल

अब स्थिति यह है कि आम चुनाव इतने करीब आ गए हैं कि नई दिशा की बातें भी करना बेकार है। शायद नई दिशा...

वक्त की नब्जः कश्मीर में गलतियां

जगमोहन ने कश्मीर की पेचीदा राजनीतिक समस्या को सिर्फ कानून-व्यवस्था की समस्या समझा, सो कश्मीर घाटी का हाल सुधरने के बदले बिगड़ता ही गया,...

वक्त की नजर: नफरत के सहारे

विकास और परिवर्तन की जगह मुसलमानों को मोदी के राज में मिली है नफरत और गोरक्षकों के हमले। सो, एक बात जो अभी से...

वक्त की नजर: छवि बिगाड़ने की चालें

इस बदलते माहौल को देखते ही मोदी को बदनाम करने के लिए कांग्रेस अपनी चालें चल रही है, ताकि अगले आम चुनाव तक प्रधानमंत्री...

वक्त की नब्जः दरिंदगी पर चुप्पी

जिस तरह कठुआ गैंगरेप पीड़िता की हत्या के बाद मोदी सरकार के मंत्री पेश आए हैं, उससे तकरीबन साबित हो गया है कि हिंदुत्व...