ताज़ा खबर
 

तवलीन सिंह के सभी पोस्ट

वक्त की नब्ज: मसीहा बनाम राजनेता

मसीहाओं की जवाबदेही नहीं होती, न कभी उन्हें अपनी गलतियां स्वीकार करनी पड़ती है। सो, आज तक मोदी ने कभी स्वीकार नहीं किया कि...

वक्त की नब्ज: इस हिंसक दौर में

जिस देश में पुलिस अफसरों को बर्बरता से मारा जाता है सरेआम, उस देश में कौन आएगा निवेश करने? खासकर वे लोग क्यों आएंगे,...

वक्त की नब्ज: अब मुद्दे बदल गए हैं

दोष भारतीय जनता पार्टी का भी है और कांग्रेस का भी। जब भी किसानों ने अपने हाल पर राजनेताओं का ध्यान आकर्षित करने की...

वक्त की नब्ज: मुंबई हमले की बरसी पर

जब तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहेंगे जरनैलों और मौलवियों के पांव तले, तब तक शांति आने की संभावनाएं बहुत थोड़ी हैं। सो, हमारे राजनेताओं...

वक्त की नब्ज: पाबंदी की सियासत

लेखक, कवि और कलाकार लड़ते हैं विचारों की लड़ाई। इनसे अगर शासकों को डर लगने लगता है तो दोष शासकों का है, उनका नहीं...

वक्त की नब्ज: हिंदुत्व की पतवार

चाहे मतदाता हिंदू हों या मुसलिम, उनके सपने अब एक जैसे हो गए हैं। उनका सपना है अपने जीवन में ऐसा परिवर्तन देखना, जिससे...

वक्त की नब्ज: सेक्युलरवाद बनाम सांप्रदायिकता

कभी-कभी ऐसा लगता है कि शायद झूठे सेक्युलरवाद से असली फिरकापरस्ती अच्छी है। पिछले हफ्ते आरएसएस के कुछ बड़े नेताओं ने पत्रकारों को बुला...

वक्त की नब्जः रहबरी का सवाल है

वर्तमान में वही हो रहा है, जो होता आया है दशकों से, लेकिन मोदी की समस्या यह है कि उन्होंने परिवर्तन का वादा किया...

वक्त की नब्जः उनकी पीर सुनेगा कौन!

बच्चियों की तिजारत रोकने में पुलिस इसलिए आज भी नाकाम है, क्योंकि उनको कोठों से बचाने के बाद कोई जगह नहीं मिलती है, जहां...

वक्त की नब्जः अभियान और दिलेरी

असली भारतीय मीटू अभियान तब चलेगा जब उन महिलाओं का साथ हम देना शुरू करेंगे, जिनको आज तक यह भी अधिकार नहीं मिला है...

वक्त की नब्जः राहुल की बचकानी बातें

कांग्रेस अध्यक्ष ने एक बार फिर दोहराया कि वे भारत के प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं, लेकिन शायद उन्होंने इस यथार्थ पर ध्यान नहीं दिया...

वक्त की नब्जः लोकप्रियता के बावजूद

मोदी की लोकप्रियता अभी तक कायम है, लेकिन सब मानते हैं कि इस बार उनके पक्ष में कोई लहर नहीं है, सो जिस तरह...

वक्त की नब्ज: संघ का नया अवतार

बहुत कुछ है करने को संघ जैसी संस्था के लिए, अगर वह वास्तव में रचनातमक ढंग से भारतीय संस्कृति के लिए काम करना चाहती...

वक्त की नब्जः गुनहगार कौन

निवेश वही कर सकते हैं कारोबार में, जो जोखिम उठाने से नहीं डरते हैं। माल्या ने निजी एयरलाइन में निवेश किया होगा यह जानते...

वक्त की नब्जः जो झूठ का सहारा ले रहे हैं

मोदी ने कई गलतियां की हैं प्रधानमंत्री बनने के बाद। इन गलतियों की आलोचना जायज है और हुई भी है शुरू से। विदेश और...

वक्त की नब्जः खतरे दूसरे हैं

मोदी अगर 2019 में दुबारा प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं तो कम से कम उनको इतना तो करना होगा कि देश के असली दुश्मनों की...

वक्त की नब्जः जुमलेबाजियों का दौर

शुरुआत हुई, जब राहुल गांधी चुनाव हारने के बाद अपनी लंबी विदेशी छुट्टी के बाद वापस वतन लौटे नई ऊर्जा से चमकते हुए। लोकसभा...

वक्त की नब्जः सुविधा की चुप्पी और मुखरता

जब कहा जाता है आज कि मोदी तानाशाह हैं और उनकी सरकार पत्रकारों पर दबाव डाल रही है, मुझे अजीब लगता है कि यही...