तवलीन सिंह

तवलीन सिंह के सभी पोस्ट 213 Articles

वक़्त की नब्ज़: असलियत से आंख न चुराइए

कश्मीर को अब हम अपना घरेलू मुद्दा नहीं कह सकते हैं। इसका अंतरराष्ट्रीयकरण हो चुका है।

वक़्त की नब्ज़: निवेश की चुनौतियां

जिन्होंने जनता का पैसा लूटा है उनकी जगह वास्तव में जेल में होनी चाहिए, लेकिन इस प्रयास में अगर ईमानदार कारोबारियों को भी सताया...

वक़्त की नब्ज़: लोकतंत्र बनाम भीड़तंत्र

नुकसान हुआ है अगर तो भारत की लोकतांत्रिक छवि को, क्योंकि लोकतंत्र का आधार है कानून-व्यवस्था। जिन देशों में लोग आदत डाल लेते हैं...

वक़्त की नब्ज़: यह पेशेवर तरीका नहीं

जो पाकिस्तान के जरनैल न कर सके वह काम भारत के पत्रकारों ने करके दिखाया है : पाकिस्तान को भारत के बराबर लाकर रख...

वक्त की नब्जः सम्मान पर बेमानी सवाल

गुजरात के 2002 वाले दंगों के बाद लोगों ने अमेरिकी प्रशासन के ऊंचे हिस्सों में इतना बदनाम किया मोदी को कि उनको इस देश...

वक्त़ की नब्ज़: असल समस्या है जिहादी आतंकवाद

इस सोच से जब तक पाकिस्तान के शासक प्रभावित रहते हैं, तब तक अमन-शांति की बातें कैसे हो सकती हैं हमारे काफिर देश के...

वक्त़ की नब्ज़: आधुनिकता बनाम संकीर्णता

हिंदुत्व शब्द सावरकर ने दिया है और इस सोच को भी, लेकिन उनके हिंदुत्व में गौमाता की पूजा करने वालों के लिए कोई जगह...

वक्त की नब्ज: जो उनके साथ हुआ…

जो उनके साथ हुआ, होना नहीं चाहिए था। आजकल आर्थिक विभागों के अफसर टीवी पत्रकारों को बहुत अच्छी तरह इस्तेमाल करना सीख गए हैं,...

वक्त की नब्ज़: भारत की तरक्की से घबराता है पाकिस्तान

जब तक निजी निवेशक अर्थव्यवस्था में फिर से निवेश करना शुरू नहीं करेंगे, तब तक मंदी के बादल मंडराते रहेंगे मुंबई के आसमानों में।...

वक़्त की नब्ज़: रास्ता जरा कठिन है

रही बात कश्मीर की खास पहचान को जिंदा रखने की अनुच्छेद 370 के खत्म किए जाने के बाद, तो इस पहचान को कोई खतरा...

वक़्त की नब्ज़: धनवानों को धौंस

मेरी नजर में गलतियों की शृंखला शुरू हुई तब जब मोदी के दूसरे दौर के पहले बजट ने साबित कर दिया कि न आर्थिक...

वक्त की नब्ज: आर्थिक दिशा बदलने की जरूरत

दशकों लंबे समाजवादी दौर ने साबित कर दिया है कि न राजनेता व्यवसाय करने में सफल रहे हैं, न सरकारी अधिकारी। उस दौर ने...

वक़्त की नब्ज़: पाकिस्तान की हकीकत

इमरान खान सिर्फ मुखौटे हैं। इमरान खान इतने कमजोर प्रधानमंत्री हैं कि उनके बारे में कहा जाता है कि वे ‘इलेक्टेड’ नहीं ‘सिलेक्टेड’ प्रधानमंत्री...

वक्त़ की नब्जः वही पुरानी लीक

बेशक कर्नाटक की शुरू से कमजोर, नाकाम सरकार अगले हफ्ते तक गिर जाएगी और भारतीय जनता पार्टी वहां अपनी सरकार बनाने में सफल हो...

वक़्त की नब्ज़: समर्थन का आधार

मोदी के पहले कार्यकाल में ग्रामीण भारत में काफी परिवर्तन आया है। कच्चे घर पक्के करने के लिए सरकारी मदद मिली है। घरों में...

वक्त की नब्ज: हिंसा का सिलसिला

पिछले हफ्ते की हिंसक घटनाओं ने साबित कर दिया है कि कानून को अपने हाथों में लेने से लोग अब डरते नहीं हैं। विधायक...

वक्त की नब्ज: बीमार स्वास्थ्य सेवाएं

उम्मीद करते हैं कि इस बार प्रधानमंत्री नहीं भुलाएंगे उन मासूम बच्चों को, जो मुजफ्फरपुर के उस अस्पताल में मरे हैं। इस बार परिवर्तन...

वक्त की नब्ज: पुराना भारत नया भारत

हकीकत यह है कि भारत के मतदाता बदल गए हैं और हमारे तकरीबन सारे विपक्षी राजनेता इस परिवर्तन को या तो देखना नहीं चाहते,...