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तवलीन सिंह के सभी पोस्ट

वक्त की नजर: सच का सामना करें

आपकी चुप्पी का फायदा उठा कर विपक्षी दल खूब प्रचार कर रहे हैं कि आपने अपना एक भी वादा पूरा नहीं किया है। न...

वक्त की नजर- वादे, इरादे और हकीकत

जहां जाती हूं, मुझे मिलते हैं ऐसे नौजवान जो रोजगार चाहते हैं और अपने निजी जीवन में तरक्की देखना चाहते हैं। अच्छे दिन उनके...

वक्त की नजर- उपचुनावों के संकेत

जब मोदी ने 2014 में सबका साथ, सबका विकास का वादा किया, भारत के आम आदमी को लगा कि आखिर में उनके जीवन में...

वक्त की नजर- हिंसा पर चुप्पी

'करणी सेना ने पिछले एक वर्ष में बार-बार साबित किया है कि उनके सैनिक आतंकवादी हैं, वीर नहीं, और आतंकवादियों की जगह जेल में...

वक्त की नब्ज- दावोस के बाद

अगले हफ्ते प्रधानमंत्री मोदी दावोस जा रहे हैं, दुनिया के सबसे धनवान निवेशकों को आश्वासन देने कि भारत निवेशकों का स्वागत करता है।

वक्त की नब्ज- आधार निराधार

गांव दलितों का था और वहां पहुंचने पर मालूम हुआ कि वहां एक भी शिक्षित व्यक्ति नहीं है और एक भी बच्चा स्कूल नहीं...

वक्त की नब्ज- दम दिखाने का वक्त

नए साल के पहले दिन राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्वीट किया कि पाकिस्तान को पिछले पंद्रह वर्षों में अमेरिका ने तैंतीस सौ करोड़ रुपए से...

वक्त की नब्ज- बीते दिन, नई बातें

साल का आखिरी दिन है आज, सो हिसाब करने का वक्त है। हिसाब करना अगर हमारे लिए जरूरी है, तो प्रधानमंत्री के लिए और...

वक्त की नब्ज- बढ़ती मुश्किलें

संसद सत्र जब शुरू हुआ और मोदी अपने सांसदों को संबोधित करने गए, तो भावुक होकर उन्होंने स्वीकार किया कि गुजरात की लड़ाई...

वक्त की नब्ज- कांग्रेस का सोनिया काल

मैं उन मुट्ठी भर पत्रकारों में से हूं, जिन्होंने श्रीमतीजी के राजनीतिक विचारों और तौर-तरीकों की आलोचना करने की हिम्मत दिखाई, जब वे भारत...

वक्त की नब्ज- बर्बरता की हद

अफरोजुल की हत्या राजसमंद में इतनी बेरहमी से की गई थी कि वीडियो देखना मुश्किल था।

वक्त की नब्ज- नौकरशाही यानी गले में पत्थर

नौकरी मिलते ही जिंदगी बन जाती है। घर, गाड़ी, बिजली, पानी सब मिल जाता है अपने सरकारी अधिकारियों को और जहां प्रधानमंत्री को हर...

वक्त की नब्ज- खौफ का साया

दो दिन पहले हाफिज सईद को लाहौर की एक अदालत ने रिहा किया इस आधार पर कि उसके खिलाफ ठोस सबूत पेश नहीं हुए...

वक्त की नब्ज- परदेसी मीडिया का पूर्वाग्रह

पहली बार नहीं है कि मैंने ऐसा अज्ञान विदेशी पत्रकारों में देखा है। कुछ वर्षों के लिए मैंने लंदन के संडे टाइम्स के लिए...

तवलीन सिंह का कॉलम, वक्त की नब्ज- नोटबंदी का हासिल कुछ नहीं

दोनों पक्षों का खूब मजाक उड़ाया गया सोशल मीडिया पर। यह भी देखने को मिला पिछले दिनों कि इस देश के आम आदमी को...

वक्त की नब्ज- हकीकत से आंखें चुराने का सबब

गुजरात में नेहरू-गांधी परिवार के वारिस ने नोटबंदी और जीएसटी पर डट कर हमला किया है, यह कह कर कि मोदी के इन दोनों...

तवलीन सिंह का ब्लॉग वक्त की नब्जः कानून जहां कैद है

जब तक कानून-व्यवस्था को राजनेताओं के हस्तक्षेप से सुरक्षित नहीं किया जाता, तब तक लोकतंत्र भी सुरक्षित नहीं है। समस्या यह भी है कि...

वक्त की नब्ज- कुपोषण से लड़ने की जरूरत

संतोषी की मां ने बार-बार कहा कि उसकी बेटी मरते दम तक चावल मांग रही थी, लेकिन एक लाचार, गरीब महिला की कौन सुनेगा,...