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पी. चिदंबरम के सभी पोस्ट

दूसरी नजर: आखिर खत्म हुआ चुनाव प्रचार

राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों, रैलियों और रोड शो, पैसे के खर्च, दी गई गालियां, हिंसा, चर्चित ईवीएम और वीवीपैट की गड़बड़ियों और चुनाव आयोग द्वारा...

दूसरी नजर: अर्थव्यवस्था खतरे में

अर्थव्यवस्था के कुप्रबंधन के कारणों में पहला कारण तो यह है कि प्रधानमंत्री को वृहद अर्थशास्त्र के बारे में कुछ नहीं मालूम और वे...

दूसरी नजर: सच्चे दिन मिल सकते हैं!

नए भाषण में मोदी जबर्दस्ती भोलापन दिखाते हुए असाधारण दावे कर रहे हैं। वे औसत स्कूल या कॉलेज में पढ़े मतदाता की समझ को...

दूसरी नजर: अमर्यादित प्रचार

मुसलिम समुदाय को लेकर भाजपा ने नफरत भरे भाषणों को हथियार इस उम्मीद में बनाया है कि इससे दो समुदायों के बीच ध्रुवीकरण होगा...

दूसरी नजर: मोदी बनाम घोषणापत्र

2014 की भाजपा एक बेहतर संरचना वाली राजनीतिक पार्टी थी, जबकि 2019 की भाजपा एक आदमी पर निर्भर बन गई है। श्री नरेंद्र मोदी...

दूसरी नजर: दो घोषणापत्रों की कहानी

दोनों घोषणापत्रों में फर्क का जो बड़ा कारण है वह मोदी-केंद्रित दृष्टि और आमजन के प्रति दृष्टि का फर्क है। भाजपा का घोषणापत्र सिर्फ...

दूसरी नजर: घोषणापत्र से बौखलाई भाजपा

सामान्य तौर पर यह सत्तारूढ़ पार्टी का घोषणापत्र है, जिसका कि विपक्षी दल विरोध करते हैं। हाल के समय में मुझे एक भी ऐसा...

दूसरी नजर: बेहद गरीब के लिए न्याय

आखिरकार, एक राजनीतिक दल ने कुछ जरूरी कदम उठाने का साहस तो जुटाया। लंबे समय से हम इस मामले को टालते रहे, नैतिक तर्क...

दूसरी नजर: चौकीदार नहीं, सक्षम प्रबंधक चाहिए

चौकीदारी एक सम्मानजनक काम है जो सदियों से चला आ रहा है। सभी समाजों और पृष्ठभूमियों के लोग चौकीदारी करते आए हैं। यह सामान्य...

दूसरी नजर: बालाकोट- मोदी का सपना

पिछले रविवार को चुनाव आयोग ने बिगुल बजा दिया। सरकार के पक्ष में आयोग ने अपना आखिरी काम भी कर डाला। चुनाव की घोषणा...

दूसरी नजर: राष्ट्र-विरोधी अखबार!

रफाल विवाद खत्म नहीं होने वाला। अगर पुलवामा आतंकी हमले और इसके बाद वायुसेना की जवाबी कार्रवाई की वजह से यह दब गया था...

दूसरी नजर: युद्ध की आहट

एक राष्ट्र रूप में बाहरी सुरक्षा और आतंरिक सुरक्षा दोनों अलग-अलग चीजें हैं। कुछ वजहों से बाहरी सुरक्षा को तो ‘राष्ट्रीय’ लबादा पहना दिया...

दूसरी नजर: शोक, गुस्सा और नासमझी

जनवरी 2000 में मसूद अजहर की रिहाई के बाद से जो झटके लगने शुरू हुए, वे जारी हैं। भारत के लोगों को ऐसा हर...

दूसरी नजर: बचाव की तलाश में सरकार

सरकार को उम्मीद रही होगी कि सीएजी की रिपोर्ट उसे बचा लेगी। रिपोर्ट संसद सत्र के आखिरी दिन पेश की गई थी। सरकार को...

दूसरी नजर: वोट के लिए घूस!

अगर सरकार आत्मविश्वास में रहती, तो अंतरिम बजट कोई बड़ा मौका नहीं था और उसे यों ही निकल जाने देती। लेकिन आत्मविश्वास एक खूबी...

दूसरी नजर: गडकरी होने का अर्थ

नितिन गडकरी एक अलग किस्म के राजनेता हैं। खुद स्वीकार कर चुके हैं कि वे खाने के शौकीन हैं। सज-धज में रहते हैं और...

दूसरी नजर: पुराने को उतार फेंकने का वक्त

तमिलनाडु में त्योहार को भोगी कहा जाता है। देश के दूसरे हिस्सों में इसे लोहड़ी कहते हैं। फसल कटने का वक्त करीब है। यह...

दूसरी नजर: खस्ताहाल आर्थिकी से शुरू साल

नोटबंदी आठ नवंबर, 2016 को हुई थी, 2016-17 की तीसरी तिमाही में। दिसंबर 2016 में खत्म हुई ग्यारह तिमाहियों में जीडीपी की वृद्धि दर...