मौजूदा समय में बेटियां शिक्षित हो रही हैं और आत्मनिर्भर भी। पर बुनियादी स्तर पर उन्हें आज भी ऐसे कई…
मौजूदा समय में बेटियां शिक्षित हो रही हैं और आत्मनिर्भर भी। पर बुनियादी स्तर पर उन्हें आज भी ऐसे कई…
घर-परिवार से लेकर समाज के माहौल तक, आज भी बेटियों के जन्म को लेकर न तो सकारात्मकता दिखती है और…
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार प्रति दस हजार की आबादी पर पचास बिस्तर और पच्चीस डॉक्टर होने चाहिए। जबकि भारत…
हमारे देश में सबसे ज्यादा बदलाव की दरकार समाज में मौजूद परंपराओं, रूढ़ियों और भेदभाव भरी मानसिकता की जकड़न को…
विडंबना ही है कि ऐसे उत्पीड़न और धोखेबाजी के बावजूद हमारे यहां दूसरे देशों में बसे परिवारों में बेटियां ब्याहने…
आज भले ही आधुनिक तकनीक हमारी जिंदगी का हिस्सा बन गई है, पर मशीनें इंसानी संवाद की जगह नहीं ले…
अत्याधुनिक उपकरणों के जरिए अब काम का समय ही नहीं बढ़ रहा, बल्कि पूरी जीवनशैली प्रभावित हो रही है। वाकई…
परंपरागत सोच और रूढ़िवादी मानसिकता की जकड़न ने बहुत कुछ बदल कर भी कुछ न बदलने जैसे हालात बना रखे…
हमारे देश में हालिया बरसों में महानगरों में प्रदूषण अत्यधिक तेजी से फैला है। राजधानी दिल्ली में तो हर साल…
कुत्सित प्रवृत्ति के चलते होने वाली ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नैतिक आदर्शों और अर्थपूर्ण मान्यताओं को विचार और…
इसमें कोई शक नहीं कि बीते बरसों में बड़े शहरों में आबादी का दबाव तेजी से बढ़ा है। दूर-दराज के…
पिछले कुछ वर्षों में दुनियाभर में करोड़ों लोग सोशल मीडिया की लत के शिकार हो गए हैं। हालात ऐसे हो…