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मोनिका शर्मा के सभी पोस्ट

राजनीतिः स्त्री का डर, कानून और समाज

क्या यौनहिंसा संबंधी कानूनों में और कड़े प्रावधान कर देने भर से ये अपराध कम होने लगेंगे? निर्भया कांड के बाद देश में उठे...

मानसिक रोगों की फैलती जड़ें

महिलाओं के सशक्तीकरण की तमाम योजनाओं और तमाम स्त्री-विमर्श के बरक्स स्त्रियों के स्वास्थ्य से जुड़े मुद््दे हाशिये पर हैं।

राजनीतिः जानलेवा खेल की कड़ियां

कुछ समय पहले मुंबई में चौदह साल के बच्चे ने जब ‘ब्लू व्हेल गेम’ की चुनौती को पूरा करने के लिए पांचवीं मंजिल से...

बच्चों की मासूमियत छीनते कार्यक्रम

बच्चों के ऐसे कार्यक्रमों से बाहर होने पर अभिभावक भी जम कर आंसू बहाते नजर आते हैं। कई बार उनके प्रदर्शन के लिए मिले...

आधी आबादी- कार्यबल में महिलाओं की कमीं

भारत में 2005 के बाद से श्रमशक्ति में महिलाओं की भागीदारी घटती जा रही है। यह वाकई विचारणीय है, क्योंकि महिलाओं की भागीदारी...

राजनीतिः परवरिश की बढ़ती मुश्किलें

आजकल बच्चे बात-बात पर गुस्सा हो जाते हैं। कभी बेवजह डर जाते हैं तो कभी घरवालों को डराते हैं। अभिभावक नहीं समझ पा...

भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें

इंडिया करप्शन स्टडी-2017 की रिपोर्ट के आंकड़े यह बताने को काफी हैं कि देश भ्रष्टाचार के किस मकड़जाल में फंसा है।

समाज सेवा के नाम पर

जिन बीस हजार गैर-सरकारी संगठनों के एफसीआरए लाइसेंस रद्द किए गए हैं उनके कामकाज में कई तरह की गड़बड़ियां पाई गई हैं।

सड़क सुरक्षा की खातिर

सर्वोच्च न्यायालय के ताजा और अहम निर्णय के मुताबिक अब राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्यों के राजमार्गों से पांच सौ मीटर तक शराब की दुकानें...

अवलोकन: कहां गईं दादी-नानी की कहानियांं

बचपन की प्यारी यादों का पिटारा जिन अनगिनत बातों को समेटे रहता है उनमें से एक दादी-नानी से सुनी कहानियां भी होती हैं।

राजनीति: कब बहुरेंगे हथकरघा के दिन

करीब पांच साल पहले हथकरघा गणना में सामने आई बुनकरों की तस्वीर वाकई परेशान करने वाली है।

मोनिका शर्मा का लेख : मनमाने उपचार से बढ़ता मर्ज

हाल ही में अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने एक सामान्य-सी बात कही, जो सेहत के लिहाज से न केवल हमारे आज,...

चिंताः बच्चों को बिगाड़ते कार्टून

एकल परिवारों के इस दौर में मासूम बच्चे कार्टून चरित्रों के मोहजाल में फंसकर रह गए हैं। स्कूल के अलावा मिलने वाले समय का...

चिंता : वंचित समूह के दुखड़े

दरअसल 2014 में ही उच्चतम न्यायालय ने तीसरे लिंग श्रेणी की मान्यता दी थी। इस फैसले के बाद भारत भी दुनिया के ऐसे इक्के-दुक्के...