
प्रत्येक बोली-भाषा समुदाय की अपनी ज्ञान-शृंखला है। एक बोली के विलुप्त होने के साथ उसका कृषि, आयुर्वेद, पशु-स्वास्थ्य, मौसम, खेती…

प्रत्येक बोली-भाषा समुदाय की अपनी ज्ञान-शृंखला है। एक बोली के विलुप्त होने के साथ उसका कृषि, आयुर्वेद, पशु-स्वास्थ्य, मौसम, खेती…

मंगलेश डबराल अपने पीछे कविताओं का ऐसा संसार छोड़ गए हैं, जो उनकी याद दिलाता रहेगा। उनकी प्रसिद्ध रचनाओं में…

मनोवैज्ञानिकों का भी कहना है कि जब आप किस्सों में डूब जाते हैं तो आप असल में दूसरे की जिंदगी…


हमारे ही देश में भगत सिंह, सूर्य सेन, चंद्रशेखर आज़ाद, बिस्मिल, अशफ़ाक़ुल्ला, खुदीराम बोस आदि जैसे ब्रिटिश शासन के खिलाफ़…

जॉन बैरी ने अपनी पुस्तक ‘द ग्रेट इनफ्लुएंजा-द एपिक स्टोरी आफ द डेडलिएस्ट पेंडेमिक इन हिस्ट्री’ में इस महामारी की…

रेणु ने अपनी कहानी ‘पहलवान की ढोलक’ और ‘प्राणों के घुले हुए रंग’ में हैजा और मलेरिया महामारी से बदलते…

अब सवाल यह है कि इन महामारियों का संज्ञान उस समय के साहित्य ने किस तरह लिया? समाज में घटित…




दो दशकों की शादी के बाद तन और मन के रिश्ते में धीरे धीरे बर्फ जमने लगी थी। कामिनी मौन…