जीवन के सुख-दुख में हमारे हर भाव के साथ प्रकृति खड़ी रहती है। जब भीषण गर्मी से मैदानी इलाकों में…
कोई भी दिन अपने साथ कई रंगों को समेटे होता है। पिछले महीने कुछ ऐसी ही अनुभूति लिए इस साल…
कक्षा की पिछली बेंच पर बैठे किसी आइंस्टीन की तलाश के लिए पारखी की नजरों की आवश्यकता होती है।
शहरों की ओर पलायन बढ़ा, प्रदूषण बढ़ा और जल संकट उभरा। यह सब हकीकत की शक्ल में हमारे सामने था,…
अतीत का जीवित अंश उसे वर्तमान से जोड़ता है और जब वर्तमान अतीत हो जाता है तो उस अतीत का…
गर्मी ने अपनी आहट दे दी है। कुछ दिनों बाद लोग इससे बचने के नुस्खों पर अमल करना शुरू कर…
फागुन में और विशेषकर होली में राग और रंग दोनों शिखर पर होते हैं। यही हमें रंगों की सुध दिलाता…
बचपन में रंगों में डूब कर होली मनाने का आनंद ही कुछ और था। अब हम बड़े हो गए हैं,…
रंगों की सुंदरता तो उसके नैसर्गिक रूप में ही है। इनके बीच वैमनस्य पैदा कर प्रतिस्पर्धा कराने का हक हमें…
पिछले दिनों ग्रामीण क्षेत्र की एक सरकारी स्कूल के वार्षिकोत्सव में भागीदारी का मौका मिला।
कभी-कभार अपनी कई पुरानी चीजों को निकाल कर देखती हूं तो मन प्रफुल्लित हो उठता है।
विवाह के बाद पहले दिन वधु ने वर को दूध से भरा गिलास दिया। वर ने ज्यों ही दूध हलक…