कला केवल व्यक्तिगत रुचि नहीं, बल्कि सामाजिक आवश्यकता भी है। भारतीय संस्कृति में कला को ईश्वर तक पहुंचने का माध्यम…
हर अनुभव के साथ हमारा व्यक्तित्व परिष्कृत, मजबूत और सुदृढ़ बनने लगता है। न्यायपूर्ण और स्पष्ट निर्णय लेना धीरे-धीरे हमारे…
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2014-15 में झारखंड में प्राथमिक स्तर पर ‘ड्रॉपआउट’ दर 6.41 फीसद थी, जो वर्ष 2024-25 में…
जनसत्ता अखबार के स्तम्भ ‘दुनिया मेरे आगे’ में आज पढ़ें ममता कुशवाहा के विचार।
जनसत्ता अखबार के स्तम्भ ‘दुनिया मेरे आगे’ में आज पढ़ें अमित कुमार के विचार।
जनसत्ता अखबार के स्तम्भ ‘दुनिया मेरे आगे’ में आज पढ़ें श्याम यादव के विचार।
जनसत्ता अखबार के स्तम्भ ‘दुनिया मेरे आगे’ में आज पढ़ें रेखा शाह आरबी के विचार।
जनसत्ता अखबार के स्तम्भ ‘दुनिया मेरे आगे’ में आज पढ़ें राकेश खुडिया के विचार।
जनसत्ता अखबार के स्तम्भ ‘दुनिया मेरे आगे’ में आज पढ़ें प्रथमेश मणि तिवारी के विचार।
जनसत्ता अखबार के स्तम्भ ‘दुनिया मेरे आगे’ में आज पढ़ें राजेंद्र मोहन शर्मा के विचार।
हम सोचते हैं कि काश हम थोड़े और साहसी, सक्षम या आत्मविश्वासी होते। मगर समय का चक्र दोनों तरफ से…
जनसत्ता अखबार के स्तम्भ ‘दुनिया मेरे आगे’ में आज पढ़ें मनीषा मंजरी के विचार।