हर बदलता मौसम गांव की तरफ ले जाता है। चाहे उसे छोड़े पांच दशक से अधिक का समय बीत गया।…
सामाजिक प्राणी होने के नाते मनुष्य समाज से पूरी तरह जुड़ा हुआ है। उसका हित, कल्याण, उन्नति समाज पर निर्भर…
अवसरों का अभाव और बेरोजगारी में वृद्धि आदि के कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में बाधाएं आनी शुरू हो गई।…
संसार भर के देशों में ऐसे हजारों शोध हुए हैं, जिनके आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है कि मदद…
जब तथाकथित सफल व्यक्ति अपने जीवन को मंझधार में ही समाप्त कर देता है, तब सफलता के पैमाने टूट जाते…
सेहतमंद शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। इसीलिए अधिकतर लोग स्वास्थ्य की चिंता भी करते हैं और…
युवक ने पूछा- ‘आप वजीरपुर चलेंगे?’ रिक्शेवाले ने हां में सिर हिलाया और किराया पचास रुपए बताया। युवक रिक्शे में…
समय क्या है, यह ठीक-ठीक जानना बाकी है। हमारे आसपास की चीजें बदल जाती हैं, वातावरण बदल जाता है, शरीर…
पीड़ा और स्त्री को एक दूसरे का पर्याय माना जाए तो गलत न होगा। खासकर उन लड़कियों या स्त्रियों को…
इक्कीसवीं सदी में सभ्यता का विकास-क्रम इस पायदान पर पहुंच गया दिखता है, जिसमें ऐसे सवाल थोड़े विचित्र लगेंगे कि…
अजीब चुनाव थे ये। एक तरफ हमारी सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के नेताओं ने न गुजरात में प्रचार करने की…
जिस चीज या साधन से हम अपने जीवन को खुशहाल बनाना चाहते हैं, उसे हासिल करने की कोशिश में हर…