बहादुरशाह जफर हों, सुदर्शन फाकिर या हम और आप, रोना शुरू होता है महफिल में बात करने की मुश्किल से…
बहादुरशाह जफर हों, सुदर्शन फाकिर या हम और आप, रोना शुरू होता है महफिल में बात करने की मुश्किल से…
भगौने का भविष्य तय हो गया था। बेसुर बकबक का नशा परोसने की भट्टी उसकी जीभ में जन्मजात लगी हई…
मैंने कहा- ‘पर देखो, माली बहुत सारे फूलों को बेवक्त तोड़ कर लिए जा रहा है। उसको रोको।’ उसने कहा-…
एक बात मैं तुम्हें बता दूं- बकरियों को बैल बनाने के आश्वासन पर राज चलता है। मुझे राज करना है।…
क्यों नहीं होगा, मैंने कहा, टीकाकरण पहले भी प्रभावी रहा है, न जाने कितनी जानें इसने बचाई है। विज्ञान से…
देखिए, सच क्या है और झूठ क्या, इस पर चर्चा करने से कोई लाभ नहीं है। वैसे, सब कुछ झूठ…
आज यह बहस का मुद्दा है कि मीडिया की खत्म होती साख को पत्रकार कैसे बचा सकते हैं। तरह-तरह के…
बुद्धिजीवी किताबी कीड़े या पढ़े-लिखे अनपढ़ का दूसरा नाम नहीं है। अध्ययन, कल्पना और व्यावहारिक संरचना उसके रचनात्मक उद्देश्य हैं।…
अखबार की सुर्खियां ठंडी आह की मोहताज होती जा रही हैं। कोई कुछ कह रहा है तो कोई कुछ और।…
वास्तव में यह पाठ्य पुस्तक विद्यार्थी को सनातन परिकल्पना की प्रारंभिक, पर जरूरी जानकारी देती है। यह सिर्फ विद्यार्थियों के…
कैलेंडर के बदलने से न भाग्य बदलता है और न स्वभाव। दोनों उस कील की तरह हैं, जिस पर कैलेंडर…
जिंदगी चलाने के लिए ठेकेदार का मुरीद होना मेरे लिए एक मजबूरी जरूर है, पर इस तसले को अपने खालीपन…