‘पाथेर पांचाली’ उपन्यास पर फिल्म बनाकर भारतीय सिनेमा के सर्वाधिक रचनात्मक दौर का आगाज करने वाले सत्यजीत राय मानते थे…
स्वदेश प्रेम का अर्थ है- अपने देश की वस्तु की अपनी वस्तु के समान रक्षा करना।’ चाणक्य का देशप्रेम देखकर…
हिंदी चैनल दोटूक हैं! उनके लिए तालिबान जिहादी और आतंकी हैं! वे पंजशीर के शेरों की तारीफ करते हैं और…
नई शिक्षा नीति में भारत सरकार ने नवाचार, कौशल विकास और छात्रों में मानवीय गुणों के विकास की बात कही…
खर्च के मामले में साहस दिखाने में सरकार नाकाम रही है, और अगर पैसे की कमी थी तो इसमें उधार…
कबीर जीवन भर गृहस्थ रहे। श्रमजीवी रहे। जुलाहे का काम करते रहे। कपड़ा बुनते और बेचते रहे। न घर छोड़ा…
सैम अंकल! आप बीस साल तक उनको ‘बीनते’ रहे, लेकिन अंतत: तालिबान, अलकायदा, आइएसआइएस, हक्कानी और पाकिस्तानी सबने मिल कर…
भय का राज अफगानिस्तान की जीवन-शैली बन चुका है। अपने हों या पराए, दोनों से उसका रिश्ता डर की नींव…
दशकों से आम लोगों को बताया गया है कि अगर उनके जीवन में समृद्धि की छोटी-सी किरण भी दिखने लगी…
जिस ढंग से मोदी सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को पेश किया है, उससे इसमें साजिश की बू आती है।…
विवेकानंद और गांधी दोनों ने हिंदू धर्म को भाग्यवाद, कर्मकांड या संप्रदायवाद से मुक्त रूप में स्वीकार किया और यह…
कुछ चैनल बताते हैं कि तालिबान सबको ‘माफ’ कर रहे हैं ‘सबकी हिफाजत’ करने की बात कह रहे हैं! लेकिन…