
काजी नजरुल इस्लाम धार्मिक कट्टरता के सख्त विरोधी थे। वे कवि, संगीतज्ञ और स्वतंत्रता सेनानी थे।

काजी नजरुल इस्लाम धार्मिक कट्टरता के सख्त विरोधी थे। वे कवि, संगीतज्ञ और स्वतंत्रता सेनानी थे।

पसीना निकलना शरीर की स्वाभाविक क्रिया है। अगर शरीर से पसीना न निकले, तो समझना चाहिए कि वह बीमार शरीर…

गरमी और बरसात में दूध से बनी मिठाइयां खाना सेहत के लिए जोखिम भरा काम है। इसलिए कई राज्यों में…

भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में तनाव के बावजूद जो शख्सियत एक साझे पुल का काम कर रही थी,…

युवा दलित कहानीकार टेकचंद की कहानी ‘मोर का पंख’ में दलितों के लिए दोयम दर्जे के व्यवहार को गंभीर तरीके…

महिला सिपाही के तेवर देख कर वह रहम की भीख मांगने लगी, पर तब तक महिला कॉन्स्टेबल ने उसे धकियाते…


शादी-विवाह के मौकों पर बंदूक से गोली दागना फैशन-सा हो गया है। कुछ लोग इसे शुभ मानते हैं, तो कुछ…

कुछ शब्द एक जैसे लगते हैं। इस तरह उन्हें लिखने में अक्सर गड़बड़ी हो जाती है। इससे बचने के लिए…

लू लू ने थोड़ा सोचा और कहा- ‘हमारे पेट में।’ और फिर थोड़ा और सोच कर कहा- ‘अब मैं हमेशा…

मेहंदी सदाबहार है। इसका लाल रंग अपनी खास पहचान के साथ सदियों से दुल्हन के सुहाग के साथ जुड़ा है।

रात में ज्यादा देर तक जागना और सुबह देर तक सोना। इस तरह की स्थिति युवाओं के लिए परेशानी का…