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दाना-पानीः कुछ मीठा हो जाए- आम के लड्डू और आटे का हलवा

गरमी और बरसात में दूध से बनी मिठाइयां खाना सेहत के लिए जोखिम भरा काम है। इसलिए कई राज्यों में गरमी और बरसात के समय दूध से बनी मिठाइयों की बिक्री पर पाबंदी लगा दी जाती है।

Author May 27, 2018 6:49 AM
आम के लड्डू और आटे का हलवा

मानस मनोहर

आम के लड्डू

गरमी और बरसात में दूध से बनी मिठाइयां खाना सेहत के लिए जोखिम भरा काम है। इसलिए कई राज्यों में गरमी और बरसात के समय दूध से बनी मिठाइयों की बिक्री पर पाबंदी लगा दी जाती है। ऐसे में नारियल, बेसन, मेवों और अनाज से बनी मिठाइयां ही ज्यादा चलन में होती हैं। इस मौसम में मिलने वाले फलों से भी मिठाई बनाई जा सकती है। इसके अलावा पारंपरिक तरीके से बनने वाले हलवों को मीठे के रूप में परोसा जा सकता है। इस बार पेश है कुछ इसी तरह का मीठा।

इस मौसम में पके हुए आम आने शुरू हो गए हैं। आम एक ऐसा फल है, जो बच्चों से लेकर बूढ़ों तक को पसंद आता है। इस मौसम में अगर उसकी मिठाई बनाएं, तो मीठे के रूप में कुछ अलग व्यंजन होगा और इसे चूंकि लंबे समय तक रखा जा सकता है, बच्चों को जब भी मिठाई खाने की तलब लगेगी, वे इसे चाव से खा सकते हैं।

आम के लड्डू बनाना बहुत आसान है। इसे बनाने के लिए पके हुए आम का करीब एक किलो गूदा लें। इसके लिए करीब ढाई सौ ग्राम चीनी और इतने ही सूखे मेवे ले लें। मेवे में काजू, बादाम, खरबूजे का बीज और घिसा हुआ सूखा नारियल लें। आम के गूदे को मिक्सर में पीस कर अलग रख लें। अब एक कड़ाही में दो चम्मच देसी घी गरम करें। उसमें एक-एक कर मेवों को अलग-अलग हल्की आंच पर भूनें। ध्यान रहे कि मेवे बस गरम होकर चटक जाएं, जलें नहीं। इन भुने मेवों को कूट कर चूरा कर लें और अलग रख दें। अब कड़ाही में एक चम्मच घी और गरम करें और उसमें आम का पेस्ट और चीनी साथ डाल कर धीमी आंच पर पकाएं। उसे बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि कड़ाही में चिपकने न पाए। जब आम का पेस्ट और चीनी पक कर गाढ़ा हो जाए तो उसमें मेवे का चूरा मिलाएं और चलाते हुए तब तक पकाएं जब तक कि उसकी नमी पूरी तरह खत्म न हो जाए। देखें कि उसका लड््डू बन सकता है या नहीं।

इस पके हुए मिश्रण को अलग प्लेट में निकालें और चलाते हुए थोड़ा ठंडा होने दें। फिर हाथों में घी लगा कर मिश्रण के छोटे-छोटे लड्डू बना लें। इस लड्डू को फ्रिज में रखने की जरूरत नहीं होती। जब ये ठंडे हो जाएं तो एक जार में बंद करके रख दें। महीना-डेढ़ महीना खराब नहीं होंगे। इसे खुद भी खाएं और मेहमान आएं तो उन्हें भी परोसें। गरमी की उत्तम मिठाई।

आटे का हलवा

हलवा की बात चलती है, तो आमतौर पर लोगों का ध्यान सूजी के हलवे की तरफ जाता है। इसलिए कि इसे बनाना सबसे आसान होता है। मगर सूजी के बजाय आटे का हलवा खाएं, तो उसका स्वाद निराला होगा। आटे का हलवा बनाने में सूजी की अपेक्षा थोड़ी अधिक मेहनत करनी पड़ती है, इसलिए लोग इससे बचते हैं। आटे का हलवा बनाने में सबसे अधिक कौशल उसका आटा भूनने में होता है। फिर, जब उसमें चीनी और पानी मिलाते हैं, तो गांठें बनने लगती हैं। इससे बचने के लिए लोग सूजी को प्राथमिकता देते हैं।

आटे का हलवा बनाने के लिए देसी घी का भरपूर उपयोग करें। जितना आटा लेते हैं उसकी कम से कम आधी मात्रा घी की रखें। कड़ाही गरम करें, उसमें आधा घी पिघलाएं और फिर आटा डाल कर मद्धिम आंच पर चलाते हुए भूनें। जब तक आटे का रंग बादामी न हो जाए, उसे चलाते हुए भूनते रहें। आटे को भूनने के बाद अलग प्लेट में निकाल लें और उसे मल कर उसमें बनी गुठलियों को तोड़ लें। फिर एक पैन में आटे की मात्रा का तीन गुना पानी लें। मसलन, एक कप आटा लिया है, तो तीन कप पानी लें। उस पानी में आटे की करीब तीन चौथाई मात्रा चीनी डालें और पानी को उबालते हुए चीनी को उसमें घोल लें। पानी उबल जाए तो गैस बंद कर दें।

अब कड़ाही में बचे हुए घी की आधी मात्रा डालें और उसमें भुना हुआ आटा डाल कर घुली चीनी वाला उबला पानी धीरे-धीरे करके मिलाएं। साथ में चम्मच से आटे को चलाते भी रहें, ताकि आटे की गुठलियां न बनने पाएं। इसी समय किशमिश, कटे हुए बादाम और सूखा नारियल डाल सकते हैं। जब आटा पूरी तरह पानी को सोख ले और सूखने लगे तो उसमें ऊपर से बचा हुआ घी डालें और चम्मच से चलाते हुए हलवे को एक सार कर लें। ध्यान रहे कि हलवा में गुठलियां न रहने पाएं। लाजवाब आटे का हलवा तैयार है।

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