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सेहतः बाल गिरें तो क्या करें

रात में ज्यादा देर तक जागना और सुबह देर तक सोना। इस तरह की स्थिति युवाओं के लिए परेशानी का सबब बन रही है।

Author May 20, 2018 6:11 AM

कहते हैं व्यक्ति के सिर पर अगर बाल न हों तो उसकी सुंदरता में कुछ कमी हमेशा बनी रहती है। पर व्यक्ति खुद को गंजा कहलवाना कभी पसंद नहीं करता और न ही गंजापन उसे पसंद होता है। पर समस्या यह है कि आजकल जब हम अपने आसपास नजर दौड़ाते हैं तो ऐसे बहुत सारे युवा मिल जाएंगे, जिनके सिर पर बाल कम होते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आजकल बीस से तीस की उम्र के युवाओं में बाल झड़ने की समस्या अधिक देखी जा रही है। अगर आपके बाल ज्यादा झड़ रहे हैं तो इसे हल्के में न लें। बालों की इस समस्या को एलोपेसिया कहा जाता है। यह एक गंभीर बीमारी है। गंभीर बीमारी इसलिए है, क्योंकि यह आपको भावनात्मक स्तर पर तोड़ती है। सिर पर बालों का कम होना आत्मविश्वास में भी कमी लाता है। एलोपेसिया के शिकार युवा क्यों बन रहे हैं। इसके निम्न कारण हैं।

नींद की अनियमितता

रात में ज्यादा देर तक जागना और सुबह देर तक सोना। इस तरह की स्थिति युवाओं के लिए परेशानी का सबब बन रही है। नींद की अनियमितता बालों के झड़ने का मूल कारण है। दरअसल, जब नींद का चक्र बदलता है तो शरीर में परिवर्तन होते हैं और बाल झड़ने लगते हैं।

मानसिक तनाव

मानसिक तनाव में अचानक बालों का टूटना शुरू होता है। यह तनाव घर, रिश्ते, करिअर, नौकरी किसी भी वजह से हो सकता है। लगातार किसी विषय पर सोच कर तनाव लेना। यह सभी लक्षण बाल झड़ने का प्रमुख कारण माने जाते हैं।

जीवन-शैली में परिवर्तन

जब आपके खानपान, रहन-सहन में परिवर्तन होता है तब आपका शरीर उस परिवर्तन को जल्दी स्वीकृत नहीं कर पाता, जिसकी वजह से आपके बाल झड़ने लगते हैं। अनियमित और अस्वस्थ खानपान भी असमय बाल झड़ने का कारण है।

तरह-तरह के प्रयोग

बालों पर प्रतिदिन नए प्रयोग करने से बाल कमजोर होने लगते हैं। टूटना शुरू हो जाते हैं। स्त्री हो या पुरुष, दोनों ही खुद को फैशनेबल दिखाने के लिए बालों पर रोज नए प्रयोग करते हैं। जैसे कभी बालों में रंंग लगाना, जैल लगाना, ड्रायर का इस्तेमाल, तरह-तरह के शैंपू आदि का प्रयोग बालों के गिरने की वजह बनते हैं।

सिर को हमेशा ढक कर रखना

अक्सर देखा जाता है कि जो लोग सिर को हमेशा ढक कर रखते हैं उनके बाल जल्दी ही टूटने लग जाते हैं। जो लोग अधिकतर समय हेलमेट पहन कर रखते हैं या हर समय टोपी लगाए रहते हैं उनके सिर में पसीना लगातार आता रहता है और हवा बालों तक नहीं पहुंच पाती। इससे बाल गिरने लगते हैं।

आनुवंशिकता

कुछ लोगों के लिए बीमारियां पीढ़ी दर पीढ़ी चली आती हैं। वे कितने भी इलाज कर लें पर उन्हें कभी न कभी उस बीमारी से गुजरना पड़ता है जो उनकी पीढ़ियां झेल चुकी होती हैं। बालों का झड़ना भी आनुवंशिकता के कारण हो सकता है।

बचाव की उपाय

युवावस्था में बालों का झड़ना एक समस्या तो है, लेकिन इसके लिए कुछ घरेलू तो कुछ चिकित्सकीय उपाय भी हैं। बालों का झड़ना आप कैसे रोक सकते हैं। इसके निम्न उपाय अपनाए जा सकते हैं।

पर्याप्त नींद

यह जरूरी नहीं कि हर बीमारी का इलाज दवाएं हों। कुछ समस्याएं ऐसी होती हैं जिनके उपाय आपके अपने हाथ में होते हैं। ऐसी ही समस्या है बालों के झड़ने की। जब आप सात घंटे की पर्याप्त नींद नहीं लेते, तो बाल गिरने लगते हैं। इससे बेहतर है कि आप पूरी नींद लें और बालों की समस्या से निजात पाएं।

ज्यादा पानी पीएं

अगर दिन में ठीक से पानी पी रहे हैं तो आपकी बहुत-सी समस्याओं का हल उससे ही हो जाता है। मगर अमूमन हम उतना पानी नहीं पीते, जितना हमारे शरीर के लिए जरूरी है। इसलिए औसतन दिन में आठ गिलास पानी पीएं।

गुनगुना तेल

अगर आपके बाल आनुवंशिक कारणों से नहीं झड़ रहे हैं तो आप तेल का सहारा भी ले सकते हैं। गुनगुने तेल की सिर में मालिश करने से खून का बहाव ठीक रहता है और बाल झड़ना बंद हो जाते हैं।

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