अपूर्वानंद ‘‘उन्नीस सौ सोलह…। मैंने पहली बार बापू को देखा था। तब से एक पूरा जमाना गुजर गया है। (तब…
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प्रभु जोशी इन दिनों ‘किस ऑफ लव’ मीडिया की सुर्खियों में है। प्रतिरोध की यह प्रविधि भारतीय समाज के लिए…
क्षमा शर्मा ‘किस ऑफ लव’ कोचीन से शुरू हुआ और कोलकाता, हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली आदि स्थानों पर फैल गया। कोच्चि…
तवलीन सिंह नरेंद्र मोदी की नजरों में जवाहरलाल नेहरू बहुत बड़े हीरो नहीं हैं। यह बात उनके किसी भी भाषण…
अरविंद कुमार पिछले दिनों मृत्युदंड से जुड़े तीन मामलों पर व्यापक चर्चा चली। पहला मामला है, ईरान की छब्बीस वर्षीय…

अशोक वाजपेयी दिल्ली में अंगरेजी का बोलबाला है यह तो जगजाहिर है। अलबत्ता यहां के चिकने-चुपड़े लोग जब-तब सूफियाना संगीत…

ज्योति चावला ‘शब्द वहां ज्यादा हैं जहां उनकी जरूरत नहीं है/ और जहां होनी चाहिए थी भाषा की मजबूत उपस्थिति/…

सुनील यादव एम फीरोज खान की पुस्तक मुसलिम विमर्श: साहित्य के आईने में वैज्ञानिक तरीके से मुसलिम समाज की सरंचना,…

लक्ष्मीधर मालवीय जनसत्ता 9 नवंबर, 2014: अकेली हिंदी को लेकर बहस हो कि हिंदी बनाम अंगरेजी पर, सारी बहस धूल…

तरुण विजय जनसत्ता 9 नवंबर, 2014: सिर्फ शोर और अपने कर्तृत्व का अंधकार। कान बंद करें या आंखें, फिर भी…

सय्यद मुबीन ज़ेहरा जनसत्ता 9 नवंबर, 2014: दुनिया में एक तिहाई खाना बर्बाद हो जाता है, जबकि एक अरब से…

विवेक कुमार मिश्र जनसत्ता 9 नवंबर, 2014: आधुनिकता अपने तकनीकी संजाल के साथ जिस दौर से गुजर रही है, उसमें…