कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए देश में चल रहे लॉकडाउन को दो हफ्तों के लिए और बढ़ा दिया गया है। लॉकडाउन के तीसरे चरण में सरकार ने दूसरे राज्यों में फंसे हुए मजदूरों, पर्यटकों व छात्रों को उनके घर पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई है। लेकिन मुसीबत की इस घड़ी में भी स्पेशल ट्रेन में सफर करने वाले मजदूरों से किराया वसूल किया गया, इसे लेकर सरकार की आलोचना हो रही है। उर्दू और हिंदी भाषाओं के कवि इमरान प्रतापगढ़ी ने भी इसे लेकर सरकार की आलोचना की है। इमरान ने लिखा कि पीएम ने देश के पैसों से सैकड़ों यात्राएं की हैं, पर मजदूरों को एक मुफ्त सफर नहीं दे सकते।
इमरान ने अपने ट्वीट में लिखा “प्रधानमंत्री जी ने देश के पैसे से आज तक सैकड़ों यात्रायें की हैं, हज़ारों करोड़ खर्च किया है। क्या ग़रीब मज़दूरों को फ्री में एक यात्रा का भी अधिकार नहीं? आख़िर ये सरकार चंद उद्योगपतियों का ही भला क्यूँ सोचती है?” इमरान के इस ट्वीट पर यूजर्स ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा “ना गरबी से दूर दूर तक इनका रिश्ता है और ना ही गरीबो की कोई फिक्र है। पूंजीपतियों की सरकार है भाई जो सिर्फ पैसा देखती है।” वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा ” क्योंकि हम भक्ति में इतने अंधे हो चुके है, की सिर्फ जीने भर को विकास समझने लगे है।”
ना गरबी से दूर दूर तक इनका रिश्ता है और ना ही गरीबो की कोई फिक्र है।
पूंजीपतियों की सरकार है भाई जो सिर्फ पैसा देखती है।
— शिल्पा राजपूत ~ भारतीय (@Shilpa_Bhartiy) May 4, 2020
क्युकी हम भक्ति में इतने अंधे हो चुके है,की सिर्फ जीने भर को विकास समझने लगे है।
— Haris (@Haris13989604) May 4, 2020
इससे पहले सरकार के इस कदम की सपा अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी आलोचना की थी। पूर्व सीएम ने रविवार को पीएम केयर फ़ंड पर सवाल उठाते हुए ट्वीट कर लिखा “अब तो भाजपा के आहत समर्थक भी ये सोच रहे हैं कि अगर समाज के सबसे ग़रीब तबके से भी घर भेजने के लिए सरकार को पैसे लेने थे तो PM Cares Fund में जो खरबों रुपया तमाम दबाव व भावनात्मक अपील करके डलवाया गया है उसका क्या होगा? अब तो आरोग्य सेतु एप से भी इस फंड में 100 रु वसूलने की ख़बर है।”
बता दें राज्यों के अनुरोध पर रेलवे ने 6 विशेष ट्रेन चलाकर छात्रों और मजदूरों को घर भेजा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक श्रमिक एक्सप्रेस में यात्रा करने वाले मजदूरों से किराया लिया गया था। ये ट्रेनें तेलंगाना से झारखंड, नासिक से लखनऊ, नासिक से भोपाल, जयपुर से पटना, कोटा से रांची और केरल से भुवनेश्वर के बीच चलाई गईं थीं। महाराष्ट्र के नासिक से करीब 850 मजदूर श्रमिक स्पेशल ट्रेन से लखनऊ पहुंचे हैं। सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग करवाकर उन्हें बसों के माध्यम से उनके जिले में भेजा गया है। जहां सभी को 14 दिन के लिए क्वारंटाइन किया जाएगा।
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