हेल्थ एक्सपर्ट्स समय-समय पर उपवास करने को सेहत के लिए हेल्दी बताते हैं। वहीं, आमतौर पर उपवास के दिन लोग फल या डाइट वाला हल्का खाना खाते हैं, लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि अगर आप पूरे 7 दिनों तक बिना कुछ खाए केवल पानी पीकर उपवास रखते हैं, तो इसका आपकी बॉडी पर कैसा असर पड़ेगा? आइए एक्सपर्ट्स से जानते हैं इस सवाल का जवाब-

क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट्स?

मामले को लेकर इंडियन एक्सप्रेस संग हुई एक खास बातचीत के दौरान एनयूटीआर (NUTR), दिल्ली की क्लिनिकल डाइटिशियन और संस्थापक लक्षिता जैन ने बताया, ‘हमारे देश में जैन धर्म के लोग लंबे समय से इस तरह केवल पानी वाले उपवास को करते आए हैं। इसके अलावा हाल ही में की गई एक स्टडी के नतीजे बताते हैं कि 7 दिन तक केवल पानी पीकर किया गया उपवास सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकता है। हां, इस दौरान पर्याप्त पोषक तत्व न मिलना, इलेक्ट्रोलाइट्स में असंतुलन और मसल लॉस जैसी परेशानियां हो सकती हैं, लेकिन अगर इस तरीके को थोड़े समय के लिए और सावधानी से अपनाया जाए, तो इसके कई फायदे हैं।’

लक्षिता जैन बताती हैं, ‘केवल पानी पीकर रहने का ये तरीका पहले दिन आपके शरीर पर क्लींजर की तरह काम कर सकता है। दूसरे दिन आप बहुत हल्का महसूस कर सकते हैं, लेकिन तीसरे दिन से आपका शरीर धीमा होना शुरू हो सकता है। चौथे दिन अगर आपका शरीर ठीक महसूस करता है, तो आप इसे जारी रख सकते हैं, अगर नहीं तो रुकना जरूरी है।’

लक्षिता जैन से अलग मामले को लेकर जिंदल नेचरक्योर इंस्टीट्यूट की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बबीना एन.एम. बताती हैं, 7 दिन तक केवल पानी पीकर रहने से आपको शरीर में कई खास बदलाव नजर आ सकते हैं। जैसे-

ऑटोफैगी

डॉ. बबीना के मुताबिक, उपवास का ये तरीका शरीर की ऑटोफैजिक प्रक्रिया को ट्रिगर करते हुए क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को समाप्त कर उन्हें स्वस्थ कोशिकाओं से बदलने में मदद कर सकता है।

केटोसिस

इस तरह के उपवास की अवधि के दौरान शरीर कीटोसिस की स्थिति में जा सकता है, जिससे शरीर ऊर्जा के लिए कार्ब्स की बजाय शरीर में जमा एक्सट्रा फैट को जलाना शुरू कर देता है। इससे आपको वेट लॉस में मदद मिल सकती है। इसके अलावा क्योंकि 7 दिनों तक बिना कुछ खाए रहने से कैलोरी की मात्रा भी खुदबखुद कम हो जाएगी, तो ऐसे में भी आपको वजन कम करने में मदद मिल सकती है।

डिटॉक्सिफिकेशन

7 दिन तक केवल पानी वाला उपवास करने से शरीर में विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद मिल सकती है। साथ ही पाचन तंत्र भी कुछ हद तक बेहतर हो सकता है। हालांकि, इस दावे का समर्थन करने के लिए बहुत कम वैज्ञानिक प्रमाण हैं, क्योंकि बॉडी को डिटॉक्स करने के लिए शरीर में पहले से ही समय-समय पर कई विषहरण प्रक्रियाएं होती रहती हैं।

ऊर्जा स्तर हो सकता है कम

इस तरह का उपवास करने के दौरान एक समय पर शरीर का ऊर्जा स्तर धीरे-धीरे गिर सकता है, कुछ लोगों को थकान, चक्कर आना जैसी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है।

बिगड़ सकता है इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन

लंबे समय तक उपवास करने से इलेक्ट्रोलाइट असामान्यताएं हो सकती हैं, जिससे कमजोरी, मांसपेशियों में ऐंठन या अनियमित दिल की धड़कन जैसे लक्षण व्यक्ति के शरीर में नजर आ सकते हैं।

मानसिक स्पष्टता पर हो सकता है अलग असर

डॉ. बबीना ने बताया कि इस तरह के उपवास के दौरान जहां कुछ लोग बेहतर ध्यान और मानसिक स्पष्टता की रिपोर्ट करते हैं, तो वहीं अन्य लोगों को ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई हो सकती है।

किसे नहीं करना चाहिए ये उपवास?

इन तमाम फायदों और नुकसान को ध्यान में रखने के बाद भी डॉ. बबीना हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, गर्भवती महिलाओं और किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को इस तरीके को बिल्कुल न अपनाने की सलाह देती हैं।

Disclaimer: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए डॉक्टर से जरूर परामर्श करें।