word of love
एक शब्द का खिलना

कभी-कभी कोई शब्द एक नए रूप में कैसे खिल उठता है समय और संदर्भ के साथ। ‘यार’ एक ऐसा ही…

sahitya
पानी की प्यास

इन दिनों कबूतरों को अपनी बालकनी में जल-क्रीड़ा करते हुए देखता हूं तो उन्हें देख कर बहुत आनंद आता है।

तरु की छाया में

कई संस्थाओं ने समारोहों में स्वागत-सम्मान के अवसर पर भेंट दिए जाने वाले फूलों के गुच्छे की जगह पौधे उपहार…

दुनिया मेरे आगे: वसंत की अगवानी

यह जानना-देखना सुखद है कि अब प्राय: सभी शहरों-महानगरों में कहीं-न-कहीं, किसी फुटपाथ पर भी, भांति-भांति के छोटे बड़े गमले…

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