भूख एक ऐसा शब्द है जो सामाजिक स्तर की पहचान कराता है। आज इक्कीसवीं सदी में देश की राजधानी दिल्ली…
भूख एक ऐसा शब्द है जो सामाजिक स्तर की पहचान कराता है। आज इक्कीसवीं सदी में देश की राजधानी दिल्ली…
हमारी फितरत है कि ध्वनि हमें आकर्षित करती है। जितने मन से उस जमाने में लोगों ने पाश्चात्य धुनों पर…
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के समय ‘कर नाटक’ का जो व्यंग्य चल रहा था उसका पटाक्षेप जद (सेकु)-कांग्रेस सरकार का पहला…
अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही कांग्रेस के उदारवादी चेहरे 2019 के चुनावी मैदान में नीतियों की बात आते ही…
भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी का आरोप है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री आरोप तो लगाते हैं, लेकिन मुद्दे सुलझाने के लिए…
चुनावी मैदान में जनता के सामने हाथ जोड़ने वाले जनप्रतिनिधि सत्ता का ताज पहनते ही लोकतंत्र की लाज नहीं रखते…
औपनिवेशिक शासन के अंत ने भारत को विभाजन जैसे नासूर के साथ कश्मीर जैसी लाइलाज बीमारी भी दे दी। राजे-रजवाड़ों…
जंतर मंतर और रामलीला मैदान से एनजीओ, आइआइटी, हाई प्रोफाइल समाज सेवकों के डिजाइनर आंदोलन से आम आदमी पार्टी का…
इंग्लैंड की फुटबॉल टीम के स्वीडिश मूल के मैनेजर स्वेन गोरान एरिक्सन ने कहा था, ‘फुटबॉल में राजनीति से ज्यादा…
इस देश में नीतियों की कमी नहीं है। समस्या है, तो उनके क्रियान्वयन की। अब तक जितनी भी बातें मैंने…
मजहब की दीवार लांघ एक लड़की और लड़का प्रेम करते हैं। इस प्रेम और शादी की मांग के खिलाफ लड़के…
केंद्र की राजग सरकार ने चुनाव सुधारों के तहत लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ करवाने के लिए कदम उठाने…