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मुकेश भारद्वाज के सभी पोस्ट

बेबाक बोल : बड़ी बीमारी

दिल्ली विश्वविद्यालय की एक छात्रा सार्वजनिक बस में चढ़ती है। एक पुरुष उसके साथ अश्लीलता की हदें पार कर देता है। खचाखच भरी बस...

बेबाक बोलः राजकाज- हंसना मना है

मिथिलांचल (वर्तमान में बिहार का हिस्सा) के मंडन मिश्र का आदि गुरु शंकराचार्य से शास्त्रार्थ चल रहा था। निर्णायक थीं मंडन मिश्र की विदुषी...

बारादरी: सीलिंग का व्यावहारिक हल निकालना जरूरी

आम आदमी पार्टी के बीस विधायकों के अयोग्य करार दिए जाने का मामला हो या सीलिंग का, देश की राजधानी से जुड़े इन मुद्दों...

बेबाक बोल : क्रोध काल

हमने अपने पूरे माहौल में गुस्से और अहंकार का जो गुबार रच दिया है वह अब हमारे बच्चों के दिमाग में फूट रहा है।...

बेबाक बोलः राजकाज- खिलते पद्म

नागरिक पुरस्कारों का उद्देश्य होता है दलगत और विचारगत भावनाओं से ऊपर उठकर काम करने वाले नागरिकों का सम्मान करना। राज्य का यह राजधर्म...

बेबाक बोलः राजकाज- साख पर सवाल

‘मैं आज भी फेंके हुए पैसे नहीं उठाता’ या ‘मेरे पास मां है’। इन शब्दों को लिखा किसी और ने लेकिन इनसे पहचान उनकी...

बेबाक बोलः राजकाज- हाशिए का हल्ला

अक्षरों के छापेखाने से निकलने के बाद से हर समय को लगता है कि उसे किताबों की जरूरत सबसे ज्यादा है। हर आगे निकलते...

बेबाक बोल- राजकाज- आप की पारी

आम लोगों के साथ संगठित होकर बदलाव का मंच तैयार किया गया। तब जंतर मंतर पर नारा गूंज रहा था ‘मुझे चाहिए स्वराज’। आज...

बेबाक बोलः राहुल की राह

गुजरात विधानसभा के चुनाव 2019 के आम चुनाव को ध्यान में रख कर लड़े गए। राजनीतिक विश्लेषक दावा करते रहे कि इस चुनाव के...

बेबाक बोलः राजकाज- भूल सुधार

2014 में 2-जी पर एजी, ओजी हो रहा था। घोटालेबाजों पर अण्णा और केजरीवाल जिस तरह दहाड़े उससे निकले वोट नरेंद्र मोदी की अगुआई...

बारादरी- प्रधानमंत्री पद पर पुनर्विचार करे संघ

वरिष्ठ पत्रकार और विचारक वेद प्रताप वैदिक के अनुसार यह कहना कि पाकिस्तान प्रधानमंत्री के गृह प्रदेश के चुनाव को प्रभावित कर सकता है,...

बेबाक बोलः राजकाज- गुजरात की बात

अगर चुनावी सर्वेक्षण गुजरात के जनादेश में तब्दील होते हैं तो विपक्षी दलों को यह सोचना होगा कि विकल्प के अभाव में संकल्प होता...

बेबाक बोलः मंदिर मार्ग

कन्हैया कुमार, हार्दिक पटेल, रोहिंग्या पक्ष, राम मंदिर विपक्ष, लव जेहाद पक्ष, तीन तलाक पक्ष, और कांग्रेस का बड़ा नेता कपिल सिब्बल....। छह दिसंबर...

बारादरी- आत्महंता हो रहे हैं साहित्यकार

प्रतिष्ठित कथाकार चित्रा मुद्गल का मानना है कि गुटबंदी ने साहित्यकारों को आत्महंता बना दिया है। कुछ आलोचकों ने मान रखा है कि अगर...

बेबाक बोलः पर्दे के पीछे

हम संजय लीला की अभिव्यक्ति की आजादी के लिए आवाज बुलंद करने वालों के साथ खड़े होंगे कि उन्होंने अपने दायरे में जो रचा...

बेबाक बोलः राजका- जी हुजूर…

राजतंत्र के अवशेष देखने और समझने के लिए भारतीय राजनीतिक दलों के लोकतंत्र से बेहतर कुछ नहीं है। भारतीय जनता पार्टी जैसी काडर आधारित...

बारादरी- मोदी ने देश में भरोसे का माहौल बनाया

हरियाणा की राजनीति के प्रमुख चेहरा और फरीदाबाद से सांसद गुर्जर मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर को पूरे नंबर देते हुए कहते हैं कि उन्होंने ‘एक...

बेबाक बोलः दोनों बदल गए- भगवा भरोसे

नवउदारवादी नीतियों के नतीजों से बढ़े भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी का हल खोजने में कांग्रेस नाकाम हुई तो जनता ने सब कुछ बदल देंगे जैसे...