ताज़ा खबर
 

मुकेश भारद्वाज के सभी पोस्ट

बेबाक बोलः मंदिर मार्ग

कन्हैया कुमार, हार्दिक पटेल, रोहिंग्या पक्ष, राम मंदिर विपक्ष, लव जेहाद पक्ष, तीन तलाक पक्ष, और कांग्रेस का बड़ा नेता कपिल सिब्बल....। छह दिसंबर...

बारादरी- आत्महंता हो रहे हैं साहित्यकार

प्रतिष्ठित कथाकार चित्रा मुद्गल का मानना है कि गुटबंदी ने साहित्यकारों को आत्महंता बना दिया है। कुछ आलोचकों ने मान रखा है कि अगर...

बेबाक बोलः पर्दे के पीछे

हम संजय लीला की अभिव्यक्ति की आजादी के लिए आवाज बुलंद करने वालों के साथ खड़े होंगे कि उन्होंने अपने दायरे में जो रचा...

बेबाक बोलः राजका- जी हुजूर…

राजतंत्र के अवशेष देखने और समझने के लिए भारतीय राजनीतिक दलों के लोकतंत्र से बेहतर कुछ नहीं है। भारतीय जनता पार्टी जैसी काडर आधारित...

बारादरी- मोदी ने देश में भरोसे का माहौल बनाया

हरियाणा की राजनीति के प्रमुख चेहरा और फरीदाबाद से सांसद गुर्जर मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर को पूरे नंबर देते हुए कहते हैं कि उन्होंने ‘एक...

बेबाक बोलः दोनों बदल गए- भगवा भरोसे

नवउदारवादी नीतियों के नतीजों से बढ़े भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी का हल खोजने में कांग्रेस नाकाम हुई तो जनता ने सब कुछ बदल देंगे जैसे...

बारादरी- राजनीति की देन है आतंकवाद

अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी दस्ते के अगुआ और खुद को टकसाली कांग्रेसी कहने वाले मनिंदरजीत सिंह बिट्टा बेबाकी से कहते हैं कि आतंकवाद राजनीति...

बेबाक बोलः पांच साल- लोकपाल से केजरीवाल तक

बजरिए जंतर मंतर और रामलीला मैदान, नए मिजाज के मध्यवर्गीय तबके के समर्थन से जनलोकपाल का नारा लगाते हुए आम आदमी पार्टी का गठन...

बेबाक बोलः नकद नारायण कथा- अनर्थ व्यवस्था

प्रचंड बहुमत से आई मोदी सरकार के कार्यकाल में 8 नवंबर मील का पत्थर साबित हो गया है। सरकार इसे कालाधन के खिलाफ सबसे...

जनसत्ता बारादरी: जड़ों की ओर लौटना होगा

आगामी नवंबर में आम आदमी पार्टी अपनी स्थापना के पांच साल पूरे कर लेगी। इस दौरान वैकल्पिक राजनीति की उम्मीद बनी इस पार्टी ने...

बेबाक बोलः है डर- टूटता तिलिस्म

साम-दाम-दंड-भेद...। जिस गुजरात में 22 साल से आपका तिलिस्म चल रहा, वहां आपको ये चारों हथियार क्यों इस्तेमाल करने पड़ गए?

बारादरी- मेरा एक भी कदम भगवाकरण की ओर नहीं

केंद्र में भाजपा की सरकार आने के बाद संस्कृति पर छिड़ी बहस आज भी जारी है। संस्कृति के भगवाकरण के आरोप शुरू हुए, जो...

चुनाव ही चुनाव

पिछले कुछ सालों से पूरा देश चुनाव प्रचार का ही झंडा उठाए रहता है। चुनाव ही चुनाव। आयोग प्रचार करता है कि हमारे...

बेबाक बोलः इतिहास का पहिया, जंतर-मंतर

सोशल मीडिया पर पिछले कुछ सालों से एक खास दिन अमिताभ और रेखा से जुड़े संवादों के बीच सिंहासन खाली करो कि जनता आती...

बेबाक बोलः धंसा पहिया

पेट्रोल से उत्पाद शुल्क कम किया गया, हनीप्रीत पकड़ ली गई, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के ‘राष्टÑवादी कुलपति’ की विदाई हुई और विजय माल्या की...

बारादरी: शरद यादव बोले- विपक्ष में बिखराव कोई नई बात नहीं

सत्ता पक्ष इस बात को भुनाने की कोशिश कर रहा है कि विपक्ष है ही नहीं, जबकि हकीकत यह है कि विपक्ष हमेशा बिखरा...

बेबाक बोलः प्रचार महाजनो येन गत- अबकी बार प्रचार

प्रधानमंत्री जी बहुत-बहुत शुक्रिया। अपनी सरकार में मार्गदर्शक मंडल बनाने के लिए।

बारादरी: केदारनाथ सिंह- कविता से क्रांति नहीं आती

नरेंद्र मोदी पर जो लिखा जाएगा, उसे साहित्य नहीं मानूंगा मैं।