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मुकेश भारद्वाज के सभी पोस्ट

बारादरी: कांग्रेस ही है दिल्ली में विकल्प

कांग्रेस नेता अरविंदर सिंह लवली का कहना है कि दिल्ली की जनता दोहरी मार झेल रही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी और...

बेबाक बोल: 2019 : पाठ तीन

उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा, कांग्रेस से गठबंधन नहीं चाहते, या कांग्रेस अकेले लड़ना चाहती है, इस पर बहस जारी है। लखनऊ में सपा-बसपा की...

बारादरी: पत्रकारिता ही नहीं, पूरी दुनिया बदल रही है

वरिष्ठ पत्रकार शीतला सिंह का कहना है कि आज पत्रकारिता राजनीति से बहुत आगे की चीज है। इसका मूल्यांकन करने के लिए इसके विभिन्न...

2019 : पाठ दो

बिना किसी बड़े आंदोलन, सड़कों पर विरोध प्रदर्शन के भारतीय संसद ने सामान्य वर्ग के लोगों के लिए आर्थिक आधार पर दस फीसद आरक्षण...

2019: पहला पाठ

बीते साल के चुनावी नतीजों के बाद नए साल में 2019 का एजंडा तय कर दिया गया है। जनता के सामने उस महागठबंधन को...

बारादरी: आम लोगों तक पहुंच बनाई एनबीटी ने

एनबीटी के अध्यक्ष बल्देव भाई शर्मा ने कहा कि उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि यही है कि लोगों की जुबान पर राष्ट्रीय पुस्तक...

बेबाक बोल: 2019

आनेवाला साल 2019 है। नाम में क्या रखा है की तर्ज पर साल में क्या रखा है का भी सवाल किया जा सकता है।...

चर्चा: संवेदनहीनता का सामना करता अन्नदाता

लगातार घाटे की खेती करने से लेकर आत्महत्या तक के हालात से जूझते किसान आखिर किसे अपनी व्यथा सुनाएं? खेती में लागत और बाजार...

बेबाक बोल: रोजगार का राज

रोटी, कपड़ा और मकान, मांग रहा है हिंदुस्तान। आजादी के बाद से ही इस तरह के नारे उन सत्ताधारियों के खिलाफ गूंजा करते थे...

बारादरी: सिनेमा ने सिर्फ शहरों का बखान किया

फिल्म अभिनेता, प्रोड्यूसर, संस्कृतिकर्मी व भाजपा नेता राजा बुंदेला का मानना है कि भारतीय मुख्यधारा के सिनेमा ने सिर्फ शहरों का महिमामंडन किया है।...

बेबाक बोल: ‘जनपथ’

छविबोध की लड़ाई में पप्पू से प्रधानमंत्री के विकल्प वाले चेहरे तक का सफर। हिंदी पट्टी के तीन हृदयप्रदेशों ने ‘पप्पू’ को श्रद्धांजलि देते...

बेबाक बोल: बुलंद भारत!

पहले अल्पसंख्यक तबके का शख्स भीड़ के हाथों मार दिया जाता है। फिर एक सफेदपोश नौकरी करने वाला मध्यवर्गीय इंसान सड़क पर सरेआम मार...

बारादरी: राजनीति में प्रदूषण फैला रहे हैं केजरीवाल

पूर्वी दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी के सांसद महेश गिरी का कहना है कि केंद्र में भाजपा की सरकार होने के कारण दिल्ली में...

बेबाक बोल: गलियारे की गुगली

सात दशक पहले अंग्रेजों से मिली औपनिवेशिक आजादी भारत विभाजन की त्रासदी के साथ सामने आई। इस त्रासदी में लहूलुहान हुई पंजाब की मिट्टी।...

बेबाक बोल: मुंतजिर-ए-वादा

भारत विभाजन के साथ ही अपने भौगोलिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक कारकों व सामरिक महत्त्व के कारण कश्मीर की स्थिति विशिष्ट हो गई। अपनी इसी विशिष्टता...

बेबाक बोल: कुनबा क्रांति

हाल ही में करुणानिधि की मौत के बाद वारिसों के सत्ता संघर्ष ने दक्षिण की उस शक्तिशाली पार्टी की नींव हिला दी जो उत्तर...

बारादरी: विकास की दृष्टि से फिसड्डी है बिहार

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का घटक होते हुए भी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के सांसद अरुण कुमार को लगता है कि जैसे वे गठबंधन का...

बेबाक बोल: अंधा संघर्ष

दूरदराज के इलाकों में ‘विकास’ पर सवाल उठा कर लाल क्रांति का घेरा डाल दिया। जो सड़क, अस्पताल और स्कूल पहुंच सकते थे वंचित...