मुकेश भारद्वाज

मुकेश भारद्वाज के सभी पोस्ट 320 Articles

बेबाक बोल: दिल्लीनामा-2020

पूर्ण राज्य और अन्य केंद्रीय मुद्दों को छोड़ बिजली-पानी और शिक्षा पर बात हो रही है। एक-दूसरे के खिलाफ आक्रामक खेल को छोड़ अब...

बेबाक बोल: बेनकाब जनाब

लोकतंत्र तब सबसे कमजोर होता है जब विश्वविद्यालय परिसर असुरक्षित हो जाते हैं। जो जेएनयू भारत की विविधता और संविधान का आईना बना आज...

बेबाक बोलः सर्द दर्द

जनसंख्या बढ़ने और संसाधनों के बंटवारे में गैरबराबरी का असर यह है कि आज दुनिया के कई देशों में रोजगार से लेकर पर्यावरण संकट...

बेबाक बोलः उन्नीस बीस

हरियाणा और महाराट्र् ने जो संकेत दिए थे झारखंड ने उस पर मुहर लगा दी। भारत जैसे सांस्कृतिक और भौगोलिक बहुलता वाले देश में...

बेबाक बोल: हिंदुस्तान हूं मैं

जब विश्वविद्यालय परिसर के अंदर और वो भी पुस्तकालय में बच्चे सुरक्षित न हों तो एक आम नागरिक क्या करे। वह अपने बच्चों को...

बेबाक बोल: बोध और विरोध

सत्ता और जनता दोनों संक्रमणकाल से गुजर रहे हैं। राममनोहर लोहिया की मशहूर उक्ति है कि अगर सड़कें खामोश हो जाएं तो संसद आवारा...

बेबाक बोल: वजूद और विकल्प

कितने दिन चलेगी यह सरकार? महाराष्ट्र में शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस की ‘महाविकास आघाड़ी’ की साझा सरकार ने शपथ ले ली है।...

बेबाक बोल: आस्था की आस

संविधान ने स्त्रियों की अस्मिता की रक्षा की और बराबरी का अधिकार भी दिया।

बेबाक बोल: जिंदा हैं हम

विद्यार्थी का कहना है कि यह सिर्फ जेएनयू नहीं दुनिया के हर शिक्षा संस्थान को बचाने की बात है।

बेबाक बोल: बराबरी की बात

भारत के इस ऐतिहासिक ना को बाजार की शक्तियां कोस रही हैं, संरक्षणवादी कह कर उसकी हैसियत को कमतर करने की कोशिश की जा...

बेबाक बोल: अंधेरे के खिलाफ

पिछले तीन सालों से उत्सवों पर अगर चीनी उत्पादों के लिए गुस्सा था तो इसलिए कि हमारे घरेलू कारीगर मारे जा रहे हैं।

बेबाक बोल: पक्ष ही विपक्ष

हरियाणा और महाराष्ट्र, जहां विपक्ष जनता से दूर और अंदरूनी कलह में मशगूल है वहां विधानसभा चुनावों में स्थानीय मुद्दे गायब हैं और केंद्र...

बेबाक बोलः शीर्ष पर संवाद

एक-दूसरे की अखंडता और संप्रभुता का सम्मान, अनाक्रमण, आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना, समान और परस्पकारी लाभकारी संबध और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पंचशील...

बेबाक बोल: डूबती व्यवस्था

मुंबई से कोच्चि और चेन्नई से लेकर पटना, हर डूबते शहर पर सवाल तैरता है कि जिम्मेदार कौन? सड़कों पर निकले लोग अपनी एसयूवी...

बेबाक बोल: हौसले का हासिल

दुनिया भर के वैज्ञानिक और पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा के अभियान से उत्साहित हैं। आइपीसीसी की पिछली विशेष रिपोर्ट के लेखकों में से एक वुल्फेंग...

बेबाक बोल: विषम विवाद

पर्यावरण बचाने का हल्ला मचा कर नवंबर में दिल्ली में सम-विषम योजना का आगाज होगा।

बेबाक बोल: ऐसे कैसे चलेगा!

2019 के बाद फिर से विधानसभा चुनाव हैं और इस बार सेमीफाइनल तो छोड़िए कांग्रेस की हालत देख उसे क्वालिफाइंग के लायक भी नहीं...

बेबाक बोल: श्याम संस्कृति

गणेश चतुर्थी पर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था अभिनेता सलमान खान का वीडियो। इसमें न तो वो चुलबुल पांडे वाला कोई संवाद...

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