टीवी चैनलों पर इन दिनों दो तरह का ‘मच्छी बाजार’ लगता है। एक तरफ वक्ता कैमरे के सामने मां की…
टीवी चैनलों पर इन दिनों दो तरह का ‘मच्छी बाजार’ लगता है। एक तरफ वक्ता कैमरे के सामने मां की…
हारने वाले के साथ खड़े रहने की नैतिकता हासिल करने के लिए किसी वरदान की जरूरत नहीं होती। लेकिन नैतिकता…
किसी भी जटिल समय में खास तरह की पक्षधरता की जरूरत पड़ती है। हर कालखंड उम्मीद करता है कि उसमें…
कांग्रेस में दो अलग-अलग शक्ति केंद्रों का असर संगठन के तौर पर भी नीचे तक विभाजन के रूप में दिखाई…
कृष्ण के युद्धनायक वाले शासकीय और राजकीय रूप को आधुनिक सरकारों ने जितना भी भुनाने की कोशिश की हो लेकिन…
दुनिया में जहां भी लोकतंत्र के लिए ललक पैदा हुई उसका इतिहास बताता है कि वहां न सिर्फ राजशाही रही…
अयोध्या में राम मंदिर की बुनियाद रखे जाने के साथ भारतीय राजनीतिक, सांस्कृतिक व सामाजिक इतिहास का एक बड़ा अध्याय…
राजनीतिक हलकों की मानें तो यह जहाज अभी हिचकोले ही खाते रहेगा क्योंकि राजस्थान को लेकर आलाकमान के छोटे परिवार…
अमरत्व के अमृत पर पूरी दुनिया की सभ्यता अपने हिसाब से मंथन कर मृत्यु से पार पाने की कोशिश करती…
बलराम को पूजने वाला किसान वह वर्ग है जो आज भी सत्ता का पक्षधर नहीं। वह अपना कर्म करते हुए…
खरी-खरी: राजेश पायलट के बेटे सचिन पायलट, भूपिंदर सिंह हुड्डा के बेटे दीपेंद्र, जितेंद्र प्रसाद के बेटे जितिन, मुरली देवड़ा…
मानव जीवन के संघर्ष के हर पहलू को उजागर करने के कारण आधुनिक रंगमंच की दुनिया में भी महाभारत के…