
तुमने कहा था/ मुझे लिखनी चाहिए कविता/ लिखता था कभी/ अब साथ नहीं देती कलम।

तुमने कहा था/ मुझे लिखनी चाहिए कविता/ लिखता था कभी/ अब साथ नहीं देती कलम।

रामायण महोत्सव की शुरुआत इंडोनेशिया के कलाकारों की प्रस्तुति से हुई। इस दल में जकार्ता के विराग संधी समूह के…


युवा कलाकारों को जब भी अवसर मिलता है, वह अपना उत्कृष्ट प्रदर्शित करने के इच्छुक रहते हैं।

बिष्टुपुर स्थित सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सभागार में रविवार शाम पत्रकार अखिलेश्वर पांडेय की काव्य पुस्तक ‘पानी…

कथक नृत्य की शुरुआत कभी हंडिया गांव से हुई। लखनऊ, जयपुर, बनारस और रायपुर के राजदरबार और मंदिरों में यह…

डागर घराने की धरोहर सहेजने के साथ ही उस्ताद इमामुद्दीन खां डागर इंडियन म्यूजिक आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी अपने अभिलेखागार…

अब फिल्मों में खलनायिकाएं कम ही देखने को मिलती हैं जबकि पहले उनके बिना फिल्में अधूरी सी लगती थीं।

ऐसे प्रेस जिसने भारतेंदु की रचनाओं को जन-जन तक पहुंचाया और जिसने हिंदी पाठय पुस्तकों के मामले में ऐतिहासिक काम…

गुरु गंगाधर प्रधान ने ओड़ीशी की गुरु-शिष्या परंपरा को काफी दुरुस्त किया था। उनकी शिष्या अनिता बाबू ने उसी परंपरा…

डिप्रेशन पर शुभ्राता प्रकाश द्वारा लिखी गई किताब "द डी वर्ड" इस बीमारी और तनाव से जूझ रहे लोगों के…

बाद में एक इंटरव्यू के दौरान बातचीत में गांगुली ने कहा कि नेटवेस्ट ट्राइएंगुलर सीरीज की जीत के जश्न के…