
डॉ. सांत्वना श्रीकांत की कविता


कुछ शब्द एक जैसे लगते हैं। इस तरह उन्हें लिखने में अक्सर गड़बड़ी हो जाती है। इससे बचने के लिए…

लू लू ने थोड़ा सोचा और कहा- ‘हमारे पेट में।’ और फिर थोड़ा और सोच कर कहा- ‘अब मैं हमेशा…

छायावाद के प्रमुख कवि सुमित्रानंदन पंत ने सात वर्ष की उम्र में ही कविता लिखना शुरू कर दिया था। वे…

साहित्य में वास्तविक मुद्दा हमेशा मानवीय मुक्ति और विशाल जनजीवन के जनतांत्रीकरण का रहा है। जब तक रचनाकार का आंतरिक…

देवनाथ के पिता विद्याधर पंडित यानी पंडीजी, धर्मभीरु, डरपोक, जिद्दी, क्षणजीवी और आत्ममुग्ध व्यक्ति हैं। अपने गांव के मूर्खों के…


प्रस्तुत कृति ‘भरतकालीन कलाएं’ में लेखक ने उपर्युक्त पृष्ठभूमि में नाट्यशास्त्र में प्रतिपादित कला की अवधारणा और विभिन्न कलाओं के…

युवा फिल्मकार रोहेना गेरा की पहली हिंदी फीचर फिल्म ‘सर’ की 71वें कान फिल्म समारोह में काफी तारीफें हो रही…

71वें कान फिल्म समारोह के अनसर्टेन रिगार्ड खंड में दिखाई गई नंदिता दास की उर्दू फिल्म मंटो का चौतरफा स्वागत…

ज्यां लुक गोदार की नई फिल्म ‘इमेज बुक ’का 71 वें कान फिल्म समारोह के प्रतियोगिता खंड में दिखाया जाना…
