
कीर्तन ‘श्री कृष्ण गोविंद’ का प्रयोग किया, जो राधा-कृष्ण के भावों से मेल खाता हुआ नजर नहीं आया। यह उचित…

कीर्तन ‘श्री कृष्ण गोविंद’ का प्रयोग किया, जो राधा-कृष्ण के भावों से मेल खाता हुआ नजर नहीं आया। यह उचित…


सही मायने में पिता का महत्त्व हमें तब पता चलता है जब हम खुद पिता बनते हैं। क्या सच में…

जल को जीवन के पर्याय के रूप में प्रतिष्ठा दी गई है। पानी को सहेजने की प्राचीन संस्कृति रही है।…

भारतीय सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा में जल का संरक्षण करना हर व्यक्ति का परम कर्तव्य है। जब तक यह परंपरा…

अपराजिता जैसी ज्यादा उम्र की युवतियां शादी न कर के भी कितनी खुश हैं। वे अपने जीवन के फैसले खुद…

आजकल सत्तर साल की आजादी गुजार देने के बाद भी जब मैं देश की सड़कों और चौराहों पर लज्जित कर…

भारत भूषण कहते हैं कि विदेशी योग को भारतीय शैली में अपनाना चाहते हैं। योग भारत की पांच हजार साल…

साहित्य की विधाओं में कहानी का पाठकीय विस्तार अपेक्षाकृत अधिक है। हालांकि हिंदी में इस विधा का विकास आधुनिक चेतना…

कथा आलोचना की जो दृष्टि विकसित हुई वह पश्चिमी देशों के साहित्य से उठाए गए सूत्रों पर आधारित रही, जिसके…

संचारी भाव से पगे नृत्य में शिव के अनेक रूपों को भंगिमाओं और हस्तकों से उन्होंने दर्शाया। गंगा अवतरण प्रसंग…

यह बहुत तर्कसंगत प्रतीत नहीं होता कि तुलसीदास ने सत्ता से प्रभावित होकर अपने राम के लिए तत्कालीन बादशाहों के…