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तन और मन के साथ साधना करें : योगाचार्य भारत भूषण

भारत भूषण कहते हैं कि विदेशी योग को भारतीय शैली में अपनाना चाहते हैं। योग भारत की पांच हजार साल पुरानी परंपरा है। योग संस्कृत के युज् शब्द से बना है जिसका अर्थ है मिलन। योग शारीरिक व्यायाम मात्र नहीं है। य

योगी भारत भूषण

सुरेंद्र सिंघल

अंतरराष्ट्रीय योगगुरु पद्मश्री स्वामी भारत भूषण कहते हैं कि योग का मुख्य उद्देश्य मन की चंचलता को नियंत्रित करके दुखों से मुक्ति है। मोक्षायतन अंतरराष्ट्रीय योगाश्रम सहारनपुर के जरिए योग को देश और दुनिया में काफी पहले फैलाने में अग्रणी माने जाने वाले 68 वर्षीय ऊर्जावान और तेजस्वी योगी भारत भूषण ने आज अपने संस्थान पर साधकों को योग क्रियाएं कराईं।

मंगलवार रात ही वे मुरादाबाद के कार्यक्रमों से सहारनपुर लौटे थे और बुधवार प्रात: पांच बजे वे पुलिस लाइन स्थित योग कार्यक्रम में गए। वहां से वे जिला कारागार में कैदियों और जेल कर्मचारियों को योग कराने पहुंचे और पूर्व निर्धारित प्रात: नौ बजे वे अपने संस्थान पर साधकों के बीच थे। कहीं भी उनके चेहरे पर थकावट या तनाव की लकीरें नहीं थी। अपनी चिरपरिचित मिठास, लगाव और स्नेह के साथ उन्होंने साधकों के बीच वर्तमान में योग की महिमा और आवश्यकता पर अपने विचार रखें।

डॉ भारत भूषण को योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाओं के लिए 1991 में पद्मश्री सम्मान से विभूषित किया गया था। उन्होंने 1990 में ऋषिकेश से अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव की शुरुआत की। 11 दिसंबर 2014 को जब संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी तो उस दौरान और उसके बाद से भारत भूषण की भूमिका और बढ़ गई। उन्होंने पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश के राजभवन में राज्यपाल राम नाइक के सौजन्य सानिध्य में तीन दिवसीय योग समारोह में श्रेष्ठ योगदान दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ योग में हिस्सा लिया। भारत भूषण राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ सूरीनाम की यात्रा पर गए जहां दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने मंच के सामने अन्य गणमान्य साधकों के साथ योग क्रियाएं की। प्रधानमंत्री ने योग की देश और दुनिया में बढ़ती लोकप्रियता और स्वीकायर्ता सहित कई महत्त्वपूर्ण बिंदुओं पर भारत भूषण के साथ बातचीत भी की।

भारत भूषण कहते हैं कि विदेशी योग को भारतीय शैली में अपनाना चाहते हैं। योग भारत की पांच हजार साल पुरानी परंपरा है। योग संस्कृत के युज् शब्द से बना है जिसका अर्थ है मिलन। योग शारीरिक व्यायाम मात्र नहीं है। यह तन और मन को साधने से पूरा होता है। वे कहते हैं कि योग भागती-दौड़ती जिंदगी में मनुष्य को स्वस्थ रखता है। उन्होंने कहा कि वे अपनी माता की प्रेरणा से योग साधक बने। वे कहते हैं कि हाथ जोड़कर अभिवादन करने से बीमारियां दूर होती हैं।

आज योग हिंदू धर्म संस्कृति दर्शन एवं अध्यात्म तकसीमित नहीं रह गया है। विश्व के 207 देशों में योग लोगों की जिंदगी का अभिन्न अंग बन गया है। चीन और अमेरिका में जिस तेजी के साथ भारतीय शैली के योग की मांग बढ़ रही है, उसे देखते हुए केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को योग को शिक्षा के पाठ्यक्रम का अनिवार्य विषय बनाने में पहल किए जाने की जरूरत है। वर्तमान स्थिति से भारत भूषण संतुष्ट नहीं है। इस दिशा में वे बहुत काम किए जाने की आवश्यकता महसूस करते हैं।

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