आधुनिक समय में राष्ट्रीय स्तर पर शासन व्यवस्था के लिए जनतंत्र या लोकतंत्र को उन सभी विकल्पों में श्रेष्ठ माना…
समाज में प्रचलित परंपराओं और रीतियों में अगर कभी कोई खास पहलू किसी पक्ष के लिए अन्याय का वाहक होता…
आज सेवा कम उसके प्रचार प्रसार पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया जाने लगा है।
पहले किसी के यहां गमी या शादी-ब्याह होता था तो दूर-दूर के रिश्तेदार भी खबर पहुंचते ही मिलने चले आते…
एक व्यक्ति का जीवन अपने ही मन के अंतर्द्वंद्व से उम्र भर लड़ता रहता है।
तेज रफ्तार से बदलते वक्त में आजकल जिंदगी को जीने का अंदाज भी बदल रहा है।
हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत और लोकसंगीत दोनों में गोकुल के रसिया द्वारा यमुना तट पर रास रचाने को लेकर अनगिनत रचनाएं…
हम सबका जीवन इसी ताने-बाने से बुना हुआ है कि धैर्य के साथ अपनी राह चलें और यह मान लें…
क्या हम अनंत हैं या उससे जुड़े हुए हैं? यह प्रश्न उतना ही गंभीर और महत्त्वपूर्ण है जितना हमारा अस्तित्व।
भीख मांगने के धंधे के भरोसे क्यों लोग सही जरूरतमंद का हक मार कर लोगों की भावनाओं का शोषण करते…
अब अपराध करने वालों में जैसे कानून का कोई खौफ ही नजर नहीं आता।
वास्तव में यह दुनिया छोटी-छोटी बातों में ही बंटी हुई है।