आज रोजगार की तलाश में लोग एक-स्थान से दूसरे स्थान पर जाकर बस गए और भौतिक सुख-सुविधाओं की आंधी में…
बच्चे अपने आप को आधुनिक बताने के चक्कर में सांस्कृतिक मूल्यों को भी ताक पर रख कर अश्लील होते जा…
वंशवाद को ज्यादातर राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाता है। इसका कारण यह है कि कुछ नेताओं ने अपने ही बेटे-बेटियों…
जीवन को सुचारु रूप से चलाने के लिए हम मन, कर्म और वचन के माध्यम से तरह-तरह की क्रियाएं करते…
सड़कों से पेड़ गायब होने लगे हैं। पेड़ काटने वाले भी छाया तलाश रहे हैं।
जीवन नदी में गोते लगाते रहने और उससे निकलते रहने का खेल है।
आज सोशल मीडिया के अलग-अलग मंचों पर रोजाना दरियादिली और ज्ञान के ऐसे हजारों-लाखों संदेश बिखरे दिखाई देते हैं कि…
महिलाओं को लेकर एक बहुत आम कहावत है, जो अक्सर मर्दों को कमजोर बताने के लिए उपमा के तौर पर…
अंधेरी सुरंग को पार किए बिना उस पार की रोशनी नहीं मिल सकती, लेकिन हम सुरंग में आगे बढ़ने से…
ग्रामीण इलाके में बचपन बिताए अनेक लोगों की स्मृतियों में गाय, बैल, भैंस जैसे जानवर अधिक प्रभावी रहे हैं।
कहावत भी है कि मेहमान थोड़े ही दिन के अच्छे लगते हैं।
कुछ लोगों को उदास रहने की बीमारी होती है। वे जीवन में सुख नहीं दुख गिन-गिन कर बताते रहते हैं।…