Guna Jail News: गणतंत्र दिवस के मौके पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। सारे सरकारी कार्यालय, स्कूल, कॉलेज, पुलिस स्टेशन और जेल में ध्वजारोहण किया गया। झांकी निकाली गई, कई अन्य तरह के प्रोग्राम किए गए। अब इन प्रोग्राम से जुड़े तस्वीरों और वीडियो से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भरे पड़े हैं। इस बीच मध्य प्रदेश के गुना में जेल विभाग की ओर से निकाली गई झांकी पर विवाद शुरू हो गया है।

पंच लाइन भी विवादों के घेरे में

दरअसल, गणतंत्र दिवस के अवसर परेड ग्राउंड में निकाली गई इस झांकी में जीवित युवक को फांसी पर लटका कर प्रदर्शन किया गया। वहीं, एक अन्य दृष्य में कृष्ण जन्म को भी दर्शाया गया। सलाखों के पीछे वासुदेव की गोद में कृष्ण भी दिखाई दिए। इस झांकी का पंच लाइन था -‘कृष्णकाल से मोहनकाल तक जेलें परिवर्तन की ओर।’

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जेल विभाग की ओर से निकाली गई इस झांकी को देखकर जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भी हैरान नजर आए। झांकी में जिंदा युवक को फांसी के फंदे पर लटकाकर रखा गया था। इतना ही नहीं, असंवेशीलता की हद तो तब हो गई जब जेलर खुद उस फंदे पर लटके जिंदा शख्स के साथ फोटो खिंचवाते दिखे।

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जेल विभाग ने भले ही यह झांकी बहुत गर्व के साथ निकाली हो लेकिन अब उनकी यह हरकत और ‘कृष्णकाल से मोहनकाल तक’ की पंचलाइन विवादों के घेरे में है। लोगों का कहना है कि विभाग चाहता तो फंदे पर जिंदा शख्स के बदले पुतले को भी लटका सकता था। लेकिन झांकी को जीवंत दिखाने के लिए उन्होंने शख्स के जान की बाजी लगा दी।

आजतक की एक रिपोर्ट के अनुसार जब इस कारिस्तानी के संबंध में जेल विभाग के आला अधिकारियों से सवाल किए गए तो उन्होंने चुप्पी साध ली। उन्होंने केवल इतना ही कहा कि झांकी में सबकुछ प्रतिकात्मक था। इस झांकी में जेल की बदलती व्यवस्था को भी दिखाया गया था।