
वे कहते हैं कि अगर गांधीजी हिंदू न होते, या भारतीय न होते तो उनकी चिंता और और कर्म पद्धति…

वे कहते हैं कि अगर गांधीजी हिंदू न होते, या भारतीय न होते तो उनकी चिंता और और कर्म पद्धति…

अंगुलीमाल को तो अपने किए का ज्ञान प्राप्त हो गया था, बहुतों को सालों जेलों में सड़ने, असाध्य बीमारियों से…

कई बार परंपरागत भोजन करते-करते ऊब हो जाती है। स्वाद बदलने का मन होता है। मगर कई बार सोचना पड़ता…

बहुत से लोग खुद फ्लू की बीमारी का ध्यान रख सकते हैं। दर्द निवारक दवा ले सकते हैं। इस संक्रमण…

इसी उधेड़बुन में पड़ा वह घर पहुंच गया। ‘पापा, मिठाई हमें दीजिए।’ एक साथ बच्चों के स्वर ने उसे याद…

रंगकर्मी सत्यदेव दुबे को 1971 में संगीत नाटक अकादेमी पुरस्कार, 1978 में फिल्म ‘भूमिका’ के सर्वश्रेष्ठ पटकथा लेखन के लिए…

अपने फिल्मी जीवन में उन्होंने लगभग चार सौ फिल्मों में काम किया। एक तरफ उनके नाम ‘राम और श्याम’ के…

जो लोग कंप्यूटर या लैपटाप पर ज्यादा देर काम करते हैं, उनकी आंखों में थकान और जलन जैसे लक्षण आए…

आमतौर पर सुख और दुख को दो अलग चीजें, दोनों को एक-दूसरे का विलोम मान लिया जाता है। मगर हकीकत…

ऐसे नगरसेठों की कमी आज भी नहीं है। धन की लालसा ही ऐसी होती है कि वह बढ़ती जाती है…

जो बात आयुर्वेद सदियों से कहता आ रहा था, उन पर अब लोगों का ध्यान फिर से जाने लगा है…

रसम मुख्य रूप से केवल टमाटर और दालों से बने मसाले का उपयोग करके बनाया जाता है। इसे बनाने का…