भारत में कोरोना बहुत तेजी से पैर पसार रहा है। देश में कोरोना से संक्रमित मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इन सब के बीच केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच तनाव जारी है। रविवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिम बंगाल पार्टी प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय धरना-प्रदर्शन पर बैठ गए हैं। विजयवर्गीय के साथ सांसद बाबुल सुप्रियो भी इस धरना-प्रदर्शन में शामिल हैं। दोनों नेता अपने-अपने घरों से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ धरने पर बैठ गए हैं। विजयवर्गीय इंदौर से तो सुप्रियों दिल्ली में धरना दे रहे हैं।

न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने विजयवर्गीय के धरने की एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें वे एक सोफे पर बैठे नज़र आ रहे हैं। उनके चारों तरफ ढेर सारे पोस्टर-बैनर लगे हुए हैं। जैसे ही एएनआई ने ये तस्वीर शेयर की उजर्स बंगाल पार्टी प्रभारी को ट्रोल करने लगे। एक यूजर ने लिखा “धरना, वो भी सोफ़े पर? सच में काफी तरक्की की है इंडिया ने।” एक अन्य यूजर ने विजयवर्गीय से पूछा की लॉकडाउन के बीच पोस्टर कहा से छपवाए।” एक यूजर ने लिखा “जीत कभी ना पाओगे बेटा, जो करना है लो…… बंगाल ना मिलने वाला।”

विजयवर्गीय ने कहा कि आज दो घंटे के भाजपा के धरने का मकसद कोरोना की आड़ में ममता सरकार की राजनीति की तरफ जनता का ध्यान आकर्षित करना है। वह मरीजों के आंकड़े छुपाने के साथ केंद्र द्वारा गरीबों के लिए भेजे गए मुफ्त राशन की भी अफरा-तफरी में लगी हुई हैं।’

इसके अलावा पश्चिम बंगाल में कोविड—19 का आकलन करने वाली टीम ने पश्चिम बंगाल सरकार पर असहयोग करने का आरोप लगाया और कहा कि क्या सत्तारूढ़ दल इसके सदस्यों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगा। इस पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई। पार्टी ने केंद्रीय टीम को ‘भारत की सबसे अधिक असंवेदनशील टीम करार दिया।’

वहीं, इससे पहले राज्य की बनर्जी ने कोविड-19 से निपटने की राज्य की तैयारियों को देखने के लिए टीमें भेजने के लिए केन्द्र की आलोचना की थी और आरोप लगाया था कि राज्य में त्रुटिपूर्ण जांच किट भेजी गई हैं।

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