बिहार में लगातार हो रही बारिश से राज्य के कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। ऐसे में राजधानी पटना इससे काफी प्रभावित है। सरकार जहां बाढ़ जैसे हालात से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार होने की बात कह रही है, वहीं इलाके में लगी पानी उसके दावे को गलत साबित कर रही है। बता दें कि सीएम नीतीश कुमार लगातार हालात का जायजा ले रहे हैं। इस बीच हालात का जायजा लेने पहुंचे एक अस्पताल में सीएम नीतीश ने पत्रकारों पर ही भड़क गए। मामले में उनका कहना था कि बाढ़ की समस्या पूरे विश्व की समस्या है। उन्होंने मीडिया पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस मुद्दे को ज्यादा बढ़ा कर दिखाया जा रहा है। बता दें कि बाढ़ के कारण अब तक कई लोगों की जाने भी जा चुकी है।

क्या है पूरा मामलाः बता दें कि बाढ़ की मार से परेशान लोगों के हाल का जायजा लेने के लिए सीएम नीतीश कुमार श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल पहुंचे थे। इस बीच वे पत्रकारों से भी मिले और उनके कई सवालों का जवाब भी दिया। बता दें कि सवाल-जवाब के दौरान ही वह पत्रकारों पर भिड़ भी गए। उन्होंने कहा, ‘मैं पूछ रहा हूं कि देश और दुनिया के कितने हिस्सों में बाढ़ आई है? क्या पटना के कुछ हिस्सों में पानी ही एकमात्र समस्या है? क्या हुआ अमेरिका में?’

राहत-बचाव का काम जारीः मामले में जब पत्रकारों ने सीएम नीतीश कुमार से राहत-बचाव पर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा, ‘राहत का काम जारी है। लोगों को इस मुश्किल से निकालने का काम भी जारी है।’

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बता दें कि राज्य की राजधानी में युद्ध स्तर पर बचाव कार्य किया जा रहा है। बचाव राहत को लेकर सरकार को जमकर निशाना बनाया जा रहा है। इस पर बोलते हुए सीएम ने कहा, ‘सच कहना अगर बगावत है तो समझो हम भी बागी हैं।’

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लगातार बढ़ रही है नदियों का जल स्तरः बता दें कि सोन नदी का जल स्तर भी लगातार बढ़ रहा है। इसके जल स्तर के बढ़ने से गंगा के जल स्तर में बढ़ोतरी की भारी संभावना बन रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दीघाघाट, गांधी घाट, हाथीदह, मुंगेर और भागलपुर में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। ऐसे में राज्य में बाढ़ के हालात को देखते हुए सरकार और नगर निगम की जमकर आलोचना भी हो रही है।