कोरोना वायरस के तेजी से फैलते संक्रमण को देखते हुए देश को लॉकडाउन दिया गया है। जिसके चलते ठेके यानी शराब की दुकानें लगभग डेढ़ महीने से बंद पड़ी थीं। लॉकडाउन 3.0 के तहत दी गई ढील के तहत ये दुकानें सोमवार को एक बार फिर खुलीं तो उनके बाहर लोग कतार में खड़े दिखे। इनमें से ज्यादातर के हाथ में थैले थे। कुछ ने तो हाथ में प्लास्टिक के कट्टे भी ले रखे थे और वे अपनी अपनी पसंद की शराब उनमें ले जाते दिखे। इन दुकानों के बाहर ‘नोटबंदी काल’ जैसा हाल था। बेहद लंबी-लंबी कतारें लगी थीं। लोग एक बोतल की चाह में घंटों तक कड़ी धूप में खड़े इंतजार करते रहे। कई जगहों पर नियम का पालन नहीं करने पर पुलिस ने सख्ती दिखते हुए कुछ लोगों को लठिया भी मारीं।
राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को शराब की दुकानें खुलने के बाद लगी लंबी कतारों के कारण पुलिस कर्मियों को भीड़ को नियंत्रित करने और सामाजिक दूरी के नियम का पालन कराने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं मयूर विहार में लोगों के सामाजिक दूरी ना बनाने के कारण वहां एक दुकान को बंद ही कर दिया गया। सरकार के एक अधिकारी के अनुसार केन्द्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) के लॉकडाउन के नियमों में ढील देने के बाद शराब की करीब 150 दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है। ये दुकानें सुबह नौ बजे से शाम साढ़े छह बजे तक खुल सकती हैं। राष्ट्रीय राजधानी में 42 दिन बाद शराब की दुकानें खुली हैं। कोरोना वायरस से निपटने के लिए लगाए लॉकडाउन के कारण ये दुकानें बंद थीं।
दिल्ली में दुकानों के खुलते ही बुराड़ी, मयूर विहार, गांधी विहार, रोहिणी और जनकपुरी में बड़ी संख्या में लोग दुकानों के बाहर इकट्ठे हो गए। पुलिस कर्मी भीड़ को नियंत्रित करते दिखे क्योंकि इन दुकानों में एक बार में पांच से अधिक लोगों को जाने की अनुमति नहीं हैं। सरकार ने इन दुकानों को चलाने वाली चार सरकारी एजेंसियों को दुकानों पर मार्शल तैनात करने को भी कहा है। शहर में सरकारी एजेंसियों और निजी तौर पर चलाई जाने वाली 850 शराब की दुकानें हैं।
अर्थव्यवस्था को धीरे-धीरे फिर से खोलने के क्रम में लॉकडाउन में शराब की दुकानें खोली गईं हैं। उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग को अनुमान है कि राज्य सरकार को सोमवार को पहले दिन प्रदेश की 26 हजार दुकानों से करीब 100 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान है। करीब 40 दिन बाद खुलने वाली दुकानों पर लोग समय से काफी पहले ही पहुंच गए। राजधानी लखनऊ के साथ प्रदेश के अन्य शहरों में भी शराब की दुकानें खुलने से पहले ही उनके बाहर काफी लम्बी कतारें लग गईं। इस दौरान कई जगह पर सामाजिक दूरी की धज्जियां भी उड़ी। लोग काफी मात्रा में शराब की बोतलें खरीद रहे हैं ।
जनपद गौतम बुद्ध नगर में 391 देशी-विदेशी शराब, बीयर और मॉडल शॉप की दुकानें खुल गईं जबकि जनपद में स्थित छह सैन्य कैंटीन को भी खोलने का आदेश दिया गया है। उप-सूचना निदेशक दिनेश गुप्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देश के तहत जनपद गौतम बुद्ध नगर में सोमवार से देशी-विदेशी शराब की 391 दुकानें खोली जा रही हैं। उन्होंने बताया कि 39 थोक दुकानें तथा सेना की छह कैंटीन में स्थित शराब की दुकानों को खोलने का भी आदेश दिया गया है। सूचना निदेशक ने बताया कि सुबह 10 बजे से शाम सात बजे तक ही शराब की दुकानें खुलेंगी। इन दुकानों के भीतर बैठकर शराब पीने की अनुमति होगी।
#WATCH Andhra Pradesh: Long queue seen outside a liquor shop in Chittoor; social distancing norms flouted. pic.twitter.com/v9IgIrZGqQ
— ANI (@ANI) May 4, 2020
वहीं मध्य प्रदेश में कोविड-19 वाले नौ रेड जोन जिलों को छोड़कर प्रदेश के 52 में से 43 जिलों में भारत सरकार के दिशा-निर्देशों क अनुसार दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुल गये हैं। हालांकि, समूचे मध्य प्रदेश में शराब की दुकानें आज बंद रहीं। मध्य प्रदेश सरकार के एक आधिकारी ने बताया, ”ग्रीन एवं ऑरेंज जोन में आने वाले मध्य प्रदेश के 43 जिलों में कुछ प्रतिबंधों एवं सामाजिक दूरी बनाए रखने के नियम का पालन करते हुए दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान आज से खुल गये हैं।”
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