हैदराबाद में महिला डॉक्टर के रेप व मर्डर को लेकर आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने रविवार (1 दिसंबर) को कड़ी आलोचना की। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘‘पुरुषों को यह सीखने की जरूरत है कि महिलाओं के साथ कैसे व्यवहार करना चाहिए।’’ दिल्ली के लाल किले में आयोजित गीता महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा, ‘‘जो अपराध करने वाले हैं, उनकी भी माता-बहनें हैं, इसलिए तो उनका अस्तित्व है। उनको ये किसी ने सिखाया नहीं। अपने घर से प्रारंभ करना है। पुरुषों की मातृशक्ति की और महिलाओं की ओर देखने की दृष्टि शुद्ध होनी चाहिए। यही इन सब बातों को बंद करेगा।’’
सरकार पर भी साधा निशाना: कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने कानून बना दिया है, लेकिन उसका पालन सही तरीके से नहीं हो रहा है। प्रशासन की ढिलाई अब और नहीं चल सकती, लेकिन सिर्फ सरकार व प्रशासन पर ही सबकुछ छोड़ देने से काम नहीं चलेगा।’’
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ये दिग्गज भी मंच पर दिखे: इस कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी, राम मंदिर एक्टिविस्ट साध्वी रितंबरा समेत कई धार्मिक गुरु मंच पर मौजूद थे। स्मृति ईरानी ने भी महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार व हिंसा के मुद्दों से निपटने के लिए व्यवहार के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं के खिलाफ अपराध क्यों होते हैं? इस पर विचार करने के लिए संतों की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस दौरान उन्होंने महिलाओं व बच्चों के पोषण के मुद्दे को भी उठाया।
कांग्रेसी नेता ने साझा किया मंच: दिल्ली के लाल किले में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा के पूर्व सदस्य जनार्दन द्विवेदी आरएसएस चीफ मोहन भागवत के साथ एक मंच पर नजर आए। हालांकि, बाद में जनार्दन द्विवेदी ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर आमंत्रित किया गया था, न कि कांग्रेसी नेता के रूप में।

