डायबिटीज मरीजों के बीच यह आम धारणा है कि ड्राई फ्रूट्स खाने से ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है। इसकी वजह ये है कि कुछ ड्राई फ्रूट्स में नेचुरल शुगर और कैलोरी की मात्रा अधिक होती है। लेकिन सच्चाई ये है कि सभी ड्राई फ्रूट्स डायबिटीज के लिए नुकसानदेह नहीं होते, बल्कि सही मात्रा और सही तरीके से सेवन किया जाए तो ये ड्राई फ्रूट डायबिटीज मरीजों के लिए वरदान साबित होते हैं।
ड्राई फ्रूट्स में फाइबर, हेल्दी फैट और प्रोटीन अच्छी मात्रा में होता हैं, जो शुगर के अवशोषण को धीमा करता हैं और ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से रोकता हैं। कुछ ड्राई फ्रूट्स जैसे किशमिश, खजूर और अंजीर जैसे मीठे ड्राई फ्रूट्स में शुगर की मात्रा ज्यादा होती है जो शुगर बढ़ा सकती है इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।
डायबिटीज कोच और फिटनेस न्यूट्रिशन स्पेशलिस्ट अनुपम घोष ने बताया डायबिटीज मरीज अगर अपनी रोज की डाइट में कुछ नट्स को सीमित मात्रा में शामिल कर लें तो आसानी से ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल कर सकते हैं। अक्सर कहा जाता है कि काजू का सेवन करने से डायबिटीज मरीजों की ब्लड शुगर बढ़ जाती है, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। सीमित मात्रा में काजू खाने से डायबिटीज कंट्रोल रहती है और बॉडी को एनर्जी भी मिलती है। आइए रिसर्च से भी समझ लेते हैं कि कौन-कौन से ड्राई फ्रूट का सेवन करने से डायबिटीज मरीजों की ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा नहीं रहता।
काजू खाएं इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम है
आमतौर पर लोग काजू को फैटी मानते हैं, लेकिन डायबिटीज में यह बेहद फायदेमंद है। Journal of Nutrition में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, काजू में पाया जाने वाला Anacardic Acid ग्लूकोज को मांसपेशियों की कोशिकाओं में अवशोषित करने में मदद करता है, जिससे ब्लड में शुगर का स्तर कम होता है। काजू का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) बहुत कम होता है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डायबिटीज मरीज हमेशा प्लेन काजू खाएं, तले हुए या नमक वाले काजू से बचें।
अखरोट बनाता है नेचुरल इंसुलिन
अखरोट टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को कम करने के लिए सबसे बेहतर माना जाता है। BMJ Open Diabetes Research & Care की एक रिपोर्ट बताती है कि जो लोग नियमित रूप से अखरोट का सेवन करते हैं, उनमें Fasting Insulin का स्तर उन लोगों की तुलना में बेहतर होता है जो अखरोट नहीं खाते। इसमें मौजूद अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (Omega-3) शरीर में सूजन (inflammation) को कम करता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत जरूरी है। रोज 4-5 अखरोट रात भर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाना सबसे ज्यादा फायदेमंद है।
पिस्ता शुगर स्पाइक को रोकता है
पिस्ता केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत का भी खजाना है। The Review of Diabetic Studies के अनुसार अगर डायबिटीज मरीज स्नैक्स के तौर पर पिस्ता लेते हैं, तो उनके HbA1c लेवल में सुधार होता है। पिस्ता खाने से शरीर में ‘GLP-1’ हार्मोन बढ़ता है, जो इंसुलिन के उत्पादन को उत्तेजित करता है। यह खाना खाने के तुरंत बाद होने वाले शुगर स्पाइक को रोकता है। दिन भर में 6-8 बिना नमक वाले पिस्ता का सेवन डायबिटीज मरीजों के लिए पर्याप्त हैं।
बादाम मैग्नीशियम का है पावर हाउस
बादाम डायबिटीज मैनेजमेंट के लिए ‘गोल्ड स्टैंडर्ड’ नट माना जाता है। मुट्ठी भर बादाम खाने से बॉडी को पर्याप्त पोषण मिलता है और डायबिटीज कंट्रोल रहती है। Metabolism जर्नल की एक रिसर्च के मुताबिक, बादाम के सेवन से खाने के बाद बढ़ने वाले इंसुलिन और ग्लूकोज के स्तर में गिरावट आती है। बादाम में विटामिन E और फाइबर की मात्रा अधिक होती है। यह न केवल शुगर कंट्रोल करता है बल्कि खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को भी कम करता है। बादाम को हमेशा छिलके के साथ खाएं क्योंकि छिलके में मौजूद पॉलीफेनोल्स ब्लड शुगर रेगुलेशन में मदद करते हैं।
एक्सपर्ट टिप्स
- ड्राई फ्रूट्स हेल्दी हैं लेकिन कैलोरी में ज्यादा होते हैं, इसलिए मुट्ठी भर यानी लगभग 30 ग्राम से ज्यादा बादाम न खाएं।
- बादाम और अखरोट को भिगोकर खाने से उनके ‘फाइटेट्स’ निकल जाते हैं, जिससे शरीर पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से सोख पाता है।
- बाजार में मिलने वाले पैकेट बंद रोस्टेड या नमकीन नट्स में सोडियम ज्यादा होता है, जो बीपी बढ़ा सकता है, इसलिए इनसे परहेज करें।
निष्कर्ष
डायबिटीज मैनेजमेंट का मतलब स्वाद का त्याग करना नहीं, बल्कि सही चुनाव करना है। मुट्ठी भर काजू, बादाम, अखरोट और पिस्ता आपके ब्लड शुगर को स्थिर रखने के साथ-साथ आपके दिल और दिमाग को भी दुरुस्त रखते हैं।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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