Kanpur Encounter: कानपुर का गुंडा विकास दुबे मारा जा चुका है। अब इस गैंगस्टर को लेकर कई खुलासे एक के बाद एक हो रहे हैं। विकास दुबे को उज्जैन से पकड़ा गया था और अब यह पता चला है कि कानपुर एनकाउंटर के बाद जिस बदमाश को पुलिस की कई टीमें तलाश रही थी वो अकेले ही भागता-छिपता हुआ उज्जैन पहुंच गया था। उज्जैन में घुसने से लेकर उसके मंदिर पहुंचने तक की पूरी टाइम लाइन इस प्रकार है।
बताया जा रहा है कि गुरुवार (9 जुलाई, 2020) की सुबह विकास दुबे करीब 3.50 मिनट पर बाबू बस सर्विस की झालावाड से आने वाली बस से उज्जैन पहुंचा। उज्जैन के नानाखेड़ा बस स्टैंड पर उतरने के बाद वो एक ऑटो में बैठा। ऑटो में बैठने के बाद उसने होटल में कमरा लेने का फैसला किया। इसके लिए उसने 3 अलग-अलग होटलों में कोशिशें कीं लेकिन होटल स्टाफ द्वारा आधार कार्ड मांगे जाने पर विकास दुबे अपना आधार कार्ड नहीं दिखा सका।
विकास दुबे 3-4 दिन उज्जैन में रुकना चाहता था लेकिन होटल नहीं मिलने पर वो उसी ऑटो रिक्शा में बैठ कर सीधे राम घाट आ गया। यहां के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया है कि नानाखेड़ा बस स्टैंड पर उतरने के बाद विकास दुबे जिस ऑटो में बैठा था उसके चालक का नाम बंटी था। विकास दुबे ने ऑटोरिक्शा का किराया 50 रुपया तय किया था।
ज्यादातर होटल बंद रहने या फिर अपना पहचान पत्र नहीं दिखा पाने की वजह से उसे होटल नहीं मिल सका था। होटल नहीं मिलने पर वो बंटी के ऑटो में बैठकर ही रामघाट पहुंचा था और यहां स्नान करने के बाद वो मंदिर पहुंचा था जहां उसकी पहचान उजागर हो गई।
पुलिस ने साफ किया है कि बंटी ने खुलासा किया है कि बस स्टैंड से होटल और होटल से मंदिर के अलावा विकास दुबे शहर के किसी भी हिस्से में नहीं गया था। पुलिस ने विकास दुबे के बस से आने-जाने, ऑटो में बैठने से लेकर मंदिर तक का फुटेज भी खंगाला है जिससे यह सभी बातें साफ हुई हैं। विकास दुबे अकेले ही उज्जैन पहुंचा था और उसे कहीं भी पनाह नहीं मिल रही थी जिसकी वजह से उसने होटल में ठिकाना तलाशने की कोशिश की थी।

