प्रतिभा कटियार तकरीबन महीने भर बाद स्कूल खुले। सरकारी स्कूल। शिक्षकों के लटके हुए चेहरे, टालमटोल, नए सिरे से बहानों…
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नए साल में यह सरकार नए इरादों के साथ देश की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक पटकथा लिखने में व्यस्त है।…

मनोज चाहिल इस साल फिर पुस्तक मेला फरवरी में आयोजित होने वाला है। लेकिन मेरे लिए पिछले साल का पुस्तक…

अनूप शुक्ला आजकल देशसेवा के काम में बहुत बरकत है। जिसे देखो वह देशसेवा की लंबी लाइन में लगा हुआ…

वर्षा मौत का सफर कैसा होता होगा! एक ऐसा सफर जो शुरू तो हुआ, मगर कोई अंत नहीं। जिसकी कोई…

मनोज कुमार समूचा सामाजिक ताना-बाना रिश्तों से ही बना और गुंथा हुआ है। ऐसा लगता है कि समाज के जन्म…

राजेंद्र बंधु पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था में गांवों की सत्ता और विकास के फैसलों में कुछ संपन्न और दबंग लोगों का…

अमेरिका से मैत्रीपूर्ण संबंध और आपसी सहयोग आवश्यक है। लेकिन इस बार गणतंत्र दिवस पर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का…

शचीन्द्र आर्य हम कभी सपनों में भी दिल्ली नहीं आ पाते, अगर हमारी दादी ने हमारे पापा को बाहर पढ़ने…

हिंदी के एक जाने-माने कवि प्रेमचंद गांधी की इस कविता की पंक्ति ने मुझे बांध रखा है- ‘चप्पल पहन कर…

किसी का फेसबुक या अन्य सोशल वेबसाइट पर अकाउंट उसके व्यक्तित्व का आईना होता है। अपने विचारों की अभिव्यक्ति के…

जगह-जगह फैला कचरा और खुले में शौच बीमारी को बुलावा देने जैसा है। यह जानने के बावजूद भारत में गंदगी…